फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जांच में सिद्धार्थनगर भी आ सकता है घेरे में
कर्सर------आरटीओ-एआरटीओ पर जांच के आदेश, बड़े रैकेट के संकेत

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए आरटीओ और एआरटीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इस कार्रवाई की आंच अब आसपास के जिलों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें सिद्धार्थनगर भी जांच के दायरे में आ सकता है।जानकारी के मुताबिक, बस्ती आरटीओ कार्यालय में बड़े पैमाने पर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवहन आयुक्त को मिली शिकायत के बाद डीआईजी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।बताया जा रहा है कि दूसरे जनपदों के लोगों के भी बस्ती से लाइसेंस बनाए गए, जिससे बिना तय प्रक्रिया के लाइसेंस जारी होने की आशंका गहराई है। मामले में एआरटीओ प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।सूत्रों के अनुसार, करीब 4500 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप है।परिवहन आयुक्त ने डीआईजी को निर्देश देते हुए मामले की गहन जांच के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, विभागीय स्तर पर भी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है।इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच की आंच अब अन्य जिलों तक पहुंच सकती है, ऐसे में सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों के आरटीओ कार्यालयों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।




