6 साल बाद भी नहीं बदली तस्वीर! आदर्श नगर पंचायत पयागपुर में जलभराव से 1500 परिवार हलकान
मुख्य बाजार से नई बस्ती को जोड़ने वाला रास्ता बना तालाब, तीन मंदिर भी पानी में घिरे—जनता में आक्रोश
बहराइच/पयागपुर। आदर्श नगर पंचायत पयागपुर के वार्ड नंबर 1 और 12 की सरहद पर स्थित क्षेत्र में जलभराव की विकराल समस्या ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य बाजार से नई बस्ती को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग हर साल बरसात में तालाब में तब्दील हो जाता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर पंचायत बने 6 साल बीत जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग वार्ड नंबर 1 की आधी आबादी के साथ-साथ वार्ड 12 और वार्ड 4 के निवासियों के लिए जीवनरेखा है। बावजूद इसके, बरसात के दिनों में यहां इतना जलभराव हो जाता है कि आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। स्थिति यह है कि इस जलभराव की चपेट में तीन मंदिर भी आ जाते हैं, जिससे धार्मिक आस्थाओं पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में करीब 175 से अधिक परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं, जबकि कुल मिलाकर लगभग 1500 लोगों का जीवन इससे प्रभावित होता है। बरसात के मौसम में यहां जान-माल का खतरा लगातार बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़े हुए हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह समस्या नगर पंचायत बनने से पहले से चली आ रही है और अब 6 साल बीतने के बाद भी इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। कई बार शिकायतें और मांगें उठने के बावजूद न तो जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही सड़क निर्माण का कार्य पूरा कराया गया।
स्थानीय निवासियों में अब भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक “आदर्श” नगर पंचायत की यह बदहाल तस्वीर यूं ही बनी रहेगी?





