लापरवाह अस्पतालों पर है स्वास्थ्य विभाग की कड़ी नजर

दैनिक बुद्ध का संदेश
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते दिनों शोहरतगढ़ क्षेत्र के पांच निजी अस्पतालों और एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से अवैध व मानक विहीन चिकित्सा संस्थान संचालकों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कहीं चिकित्सक अनुपस्थित मिले तो कहीं आवश्यक संसाधनों का अभाव पाया गया। खामियां मिलने पर संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए। क्षय रोग विशेषज्ञ डा. मानवेंद्र पाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने सबसे पहले एपेक्स डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच की। यहां पंजीकरण जिस चिकित्सक के नाम पर था, वह मौके पर उपस्थित नहीं मिले। साथ ही अन्य तकनीकी कमियां भी पाई गईं, जिस पर टीम ने नोटिस जारी किया। वहीं, बुधवार की साप्ताहिक बंदी के कारण अशरफ मेमोरियल अस्पताल और अंसारी अस्पताल बंद मिले, जिससे वहां निरीक्षण नहीं हो सका। जांच के दौरान टीम को नवजीवन अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन संचालित होने की सूचना मिली थी, लेकिन तलाशी के दौरान मौके पर कोई मशीन नहीं मिली। इसके बाद टीम जीपीएम अस्पताल पहुंची, जहां कुछ खामियां पाए जाने पर संचालक को सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, सुनीता जायसवाल अस्पताल के निरीक्षण में मानक पूरे पाए गए। जांच टीम में डा. मानवेंद्र पाल के साथ पटल सहायक रोहित वर्मा और ऑपरेटर माधव शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




