खेसरहा विकास खंड में मनरेगा के नाम पर लूट, जेसीबी से कार्य कर मजदूरों की फर्जी हाज़िरी

दैनिक बुद्ध का संदेश/सुषमा मिश्रा
सिद्धार्थनगर/खेसरहा ं विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा दोयम में पोखरे की सुंदरीकरण योजना के नाम पर मनरेगा में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी धन की लूट का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य रात के समय जेसीबी मशीन से कराया गया, जबकि दिन में मजदूरों की फर्जी तस्वीरें खींचकर मनरेगा में काम दिखाया जा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार 14 तारीख की रात को जेसीबी से पोखरे में खुदाई का कार्य किया गया, जबकि मास्टर रोल 18 तारीख से जारी किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि मजदूरों द्वारा कार्य किए बिना ही उनकी फर्जी हाज़िरी लगाकर भुगतान की तैयारी की जा रही है। मौके पर मौजूद पहियों के निशान इस बात की गवाही दे रहे हैं कि कार्य मजदूरों से नहीं बल्कि मशीन से कराया गया।आरोप है कि इस पूरे मामले में ब्लॉक स्तर के कर्मचारी, ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल एवं नरेगा विभाग को इस संबंध में लिखित आवेदन भी दिया गया है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद ब्लॉक कर्मी और उच्च अधिकारी इस मामले को जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया है, जिससे हर कोई मालामाल हो रहा है और वास्तविक मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी धन की लूट पर रोक लग सके और मनरेगा योजना का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।




