स्काउट प्रशिक्षण के चौथे दिन आत्मरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए गए

दैनिक बुद्ध का संदेश
श्रावस्ती। जगतजीत इंटर कॉलेज, इकौना में आयोजित स्काउट-गाइड प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन प्रतिभागियों को आत्मरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा जीवनोपयोगी कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. ज्योति प्रकाश पांडे, प्रधानाचार्य, अलक्षेद इंटर कॉलेज भिनगा एवं जिला मुख्य आयुक्त, श्रावस्ती ने कहा कि स्काउट-गाइड का शस्त्र प्रशिक्षण हथियार चलाने के लिए नहीं, बल्कि आत्मरक्षा, सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान करने की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान लाठी संचालन, प्राथमिक चिकित्सा तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग में लगभग 5 फीट लंबी लकड़ी की लाठी का उपयोग किया जाता है, जिसके माध्यम से वार, बचाव एवं आत्मरक्षा के विभिन्न पैंतरे सिखाए जाते हैं। साथ ही रस्सियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की गांठें बांधने का अभ्यास कराया जाता है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में अस्थायी पुल, मचान अथवा स्ट्रेचर तैयार किए जा सकें। डॉ. पांडे ने बताया कि स्काउट-गाइड के प्रमाण पत्र का विभिन्न क्षेत्रों में विशेष महत्व है तथा इससे विद्यार्थियों को अनेक अवसरों पर अतिरिक्त वेटेज प्राप्त होता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राम बिहारी वाजपेयी ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान जंगल अथवा अपरिचित स्थानों पर टेंट लगाने, बिना गैस के भोजन तैयार करने तथा दिशा सूचक यंत्र एवं तारों की सहायता से दिशा ज्ञान प्राप्त करने का अभ्यास भी कराया जाता है। इसके अतिरिक्त अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं यातायात नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण भी विद्यार्थियों को दिया जाता है। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी कामाछा प्रसाद पाठक, हनुमान प्रसाद सहित स्काउट-गाइड के प्रशिक्षक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।




