सिद्धार्थनगर केपूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक पर लगा 25 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप

दैनिक बुद्ध का सदंेश
सिद्धार्थनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय एक बार फिर विवादों में आ गया है। शनिवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक शिक्षिका अपने भाई के साथ संयुक्त कार्यालय में डीआइओएस पर वेतन भुगतान के एवज में 25 लाख रुपये घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया।मामले को लेकर करीब आधे घंटे तक कार्यालय परिसर में हंगामा होता रहा। संयुक्त शिक्षा निदेशक नवलकिशोर ने दोनों पक्षों को समझाते हुए मामले को शांत कराया और जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।आरोप लगाने वालों का कहना है कि डीआइओएस उपेंद्र कुमार ने वेतन जारी करने के नाम पर 25 लाख रुपये की धनराशि ली। इसके बाद अतिरिक्त 17 लाख रुपये की मांग की गई और रकम न मिलने पर वेतन फिर से रोक दिया गया। हंगामे की सूचना पर कार्यालय में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए।मदनमोहन मालवीय इंटर कालेज कंधरापुर की सहायक शिक्षिका डा. प्रिया तिवारी ने बताया कि अंजुमन इस्लामिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दौना लालगंज को वर्ष 2002 में अनुदान सूची में शामिल किया गया था। उस समय तीन पुराने शिक्षकों के स्थान पर तीन नए शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई, जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला न्यायालय पहुंचा, जहां वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई।शिक्षक के पुत्र सौरभ तिवारी और पुत्री प्रिया तिवारी का कहना है कि वर्ष 2016 में न्यायालय से उनके पक्ष में निर्णय आया था, लेकिन विपक्षी पक्ष ने दोबारा स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया। इसके बाद वर्ष 2024 में कोर्ट ने फिर से शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि 2016 के निर्णय के अनुसार वेतन भुगतान किया जाए।कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक डीआइओएस कार्यालय पहुंचे और वेतन भुगतान के लिए प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी के जरिए मध्यस्थता हुई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि इसी माध्यम से डीआइओएस उपेंद्र कुमार को 25 लाख रुपये दिए गए, जिसके बाद एक माह का वेतन जारी किया गया।इसके बाद कथित रूप से 17 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। रकम न देने पर वेतन दोबारा रोक दिया गया। मजबूर होकर शिक्षक पक्ष फिर से न्यायालय की शरण में गया, जहां से वेतन भुगतान के आदेश दोबारा जारी हुए। इसी बीच डीआइओएस उपेंद्र कुमार अवकाश पर चले गए। उनके स्थान पर प्रभारी डीआइओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह ने वेतन भुगतान शुरू कराया। अवकाश से लौटने के बाद उपेंद्र कुमार ने दोबारा कार्यभार संभालते हुए वेतन भुगतान रोक दिया। इससे नाराज होकर शिक्षक के स्वजन संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पहुंचे और हंगामा किया।
बोले डीआइओएस
मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है। वेतन कोर्ट के आदेश के तहत अवरुद्ध किया गया था और इस संबंध में परिषद से मार्गदर्शन मांगा गया था। घूस मांगने की बात पूरी तरह से गलत है। रू उपेंद्र कुमार, डीआइओएस आजमगढ़।
नवल किशोर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़
वेतन भुगतान को लेकर शिक्षक व उसके स्वजन शिकायत लेकर आए थे। डीआइओएस पर घूस लेने का गंभीर आरोप लगाया है, घूस लेना व देने दोनों अपराध है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।




