गति अवरोधक बनाए जाने की उठी मांग, तेज रफ्तार वाहनों से बढ़ रहा दुर्घटना का खतरा

दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा। घोसियारी से छितही होकर लक्ष्मीगंज चौराहे के रास्ते खेसरहा (बेलौहा) को जोड़ने वाली सड़क पर गति अवरोधक न होने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सड़क के निर्माण के बाद दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा पर संकट बना हुआ है।ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर लगभग हर 200 से 500 मीटर की दूरी पर आबादी वाले गांव स्थित हैं। इसके अलावा वजीराबाद के पास एक अंधा मोड़ भी है, जहां वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों और राहगीरों का अंदाजा लगाने में कठिनाई होती है। ऐसे में तेज गति से चलने वाले वाहन अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।क्षेत्र के निवासी अनिल कुमार पासवान, घनश्याम लोधी, प्रेमचंद और अब्दुल सलाम ने बताया कि बीते रविवार को एक बाइक सवार तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से चोटिल हो गया। उनका कहना है कि इस मार्ग पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहता है।ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में विद्यालयों की छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन स्कूल खुलने के बाद इसी मार्ग से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वजीराबाद के अंधे मोड़, लक्ष्मीगंज चौराहे, भालुहा तथा बेलौहा गांव के पास आवश्यक स्थानों पर गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) लगाए जाएं, ताकि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं किए गए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।




