गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशबस्ती

मजबूर होता जा रहा है मजदूरः गोष्ठी में विमर्श

बस्ती। विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर गुरूवार को कबीर साहित्य सेवा संस्थान अध्यक्ष सामईन फारूकी के संयोजन में कलेक्टेªट परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत सहित विश्व स्तर पर मजदूर लगातार मजबूर होता जा रहा है। गोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप सम्बोधित करते हुये वरिष्ठ चिकित्सक डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि काम के 8 घंटे तय किये जाने को लेकर अमेरिका से जो संघर्ष शुरू हुआ वह सिलसिला अभी तक जारी है। कहा कि जिस दिन देश के मजदूर शिकागो के अमर शहीदों के बलिदान को आत्मसात कर लेंगे दुनियां से मजदूरों पर होने वाले जुल्म, अत्याचार समाप्त होने लगेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम प्रकाश शर्मा ने दुनियां में आ रहे बदलाव, पंूंजीपतियों द्वारा शोषण, श्रमिक कानूनों पर विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि भारत के श्रमिक सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। एकजुटता से ही श्रमिकों की समस्या का समुचित हल हो सकेगा। साहित्यकार डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि जब तक श्रमिक वर्ग आपस में बिखरा रहेगा समस्याओं का हल निकलना संभव नहीं है। आज सबसे बड़ी जरूरत एकजुटता को मजबूत करने की है। अध्यक्षता करते हुये बी.एन. शुक्ल ने कहा कि मजदूरों की स्थिति सुधरे इसके लिये साझा प्रयास करना होगा। गोष्ठी में बाबूराम वर्मा, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, रामचन्दर तिवारी, डा. अफजल हुसेन, बी.के. मिश्र, पं. चन्द्रबली मिश्र आदि ने कहा कि सरकार और मालिकानों की भूमिका श्रमिकों के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। नये श्रम कानूनों ने श्रमिकों का संकट बढा दिया है। संविदा की नौकरियां युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ है। इसे बंद किया जाना चाहिये। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरोजा देवी, दुर्गा प्रसाद, दीनानाथ यादव, कृष्णचन्द्र पाण्डेय, पेशकार मिश्र, प्रदीप श्रीवास्तव, चन्द्रमोहन लाल, आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!