शमशान घाट धीरे-धीरे हो रहा अतिक्रमण का शिकार

कैसरगंज/बहराइच। तहसील मुख्यालय कैसरगंज स्थित बरखुरद्वारापुर के के राजस्व गाटा संख्या/भूखंड संख्या 105 पर दशकों से हिन्दू शमशान घाट दर्ज है, जिस पर स्थानीय गांव के हिंदू समाज के लोग अपने पूर्वजों की अन्त्येष्टि व पंचतत्व में विलीन करने का कार्य दशकों से करते चले आ रहे हैं, लेकिन विगत कुछ वर्षों से स्थानीय हिंदू शमशान घाट को समुदाय विशेष द्वारा कूट रचित तरीके से धीरे-धीरे अतिक्रमण का शिकार किया जा रहा है। समुदाय विशेष द्वारा उक्त श्मशान घाट को धीरे-धीरे अपने अतिक्रमण का निशाना बनाया जा रहा है जिस पर समुदाय विशेष के प्रधान की भी चुप्पी व राजस्व कर्मियों की अनदेखी भी लगातार किसी न किसी दबाव में होती हुई दिखाई पड़ रही है। अभी हाल में ही उक्त शमशान घाट पर लगे हरे भरे पेड़ शरारती तत्वों द्वारा काट लिए गए, जिसकी सूचना शिकायतकर्ता समाजसेवी व आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार पोरवाल द्वारा उप जिलाधिकारी कैसरगंज व सम्बंधित पर विभाग के कर्मचारियों को मौखिक व टेलीफोनिक वार्ता के द्वारा तत्काल उसी समय दी गई, लेकिन न जाने किस दबाव में प्रशासन पूरी तरह मौन रहा। उक्त हिंदू शमशान घाट की अत्यंत दयनीय स्थिति में जाते देख स्थानीय ग्रामीणों के अनुरोध पर समाजसेवी व आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार पोरवाल ने एक शिकायती व अनुरोध पत्र उत्तर प्रदेश शासन मुख्यमंत्री को डाक के माध्यम से ज्ञापित किया है। अपने दिए गए पत्र व सूचना के माध्यम से उन्होंने उक्त शमशान घाट का पुनरोद्धार कराये जाने, अतिक्रमण खाली कराये जाने, जीर्णाेद्धार एवं सौन्दर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।




