जनपद में महिला सशक्तिकरण की जमकर उड़ाई जा रही है धज्जियां

सिद्धार्थनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पति की मौत हो जाने के डेढ़ वर्ष बाद भी पेंशन पाने के लिए रविन्द्र नाथ त्रिपाठी की पत्नी को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। अभी तक उन्हें पेंशन व अन्य देयकों का लाभ नही मिला (पेंशन से वंचित रखा गया)। दरअसल जनपद के बृजेश्वरी इण्टर कालेज घरुआर (बढ़नी) में अनुचर के पद पर तैनात रविन्द्र नाथ त्रिपाठी की मृत्यु 19/06/24 को सेवा काल में ही हो गई थी। नियमतरू पति की मृत्यु के उपरान्त उनकी धर्म पत्नी श्रीमती सुरेखा को उनके हिस्से का पेंशन मिलना था, परन्तु डेढ़ वर्ष बीतने को हैं मगर श्रीमती सुरेखा को पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान नही किया गया। जिससे परिवार घोर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बच्चों की पढ़ाई की भी बन्द होने की स्थित उत्पन्न हो गई है। क्योंकि कापी-किताब, ड्रेस, बस्ता, फीस आदि भी प्रबन्ध नही हो पा रहा है। जबकि पेंशन व अन्य देयकों से सम्बन्धित फाईल विद्यालय द्वारा नियत समय से डीआईओएस कार्यालय को भेजा जा चुका है। संयुक्त निदेशक बस्ती मण्डल बस्ती द्वारा अपने पत्रांक सं0- 3195-97 द्वारा दो-दो बार निस्तारण हेतु डीआईओएस सिद्धार्थनगर को आदेशित किया जा चुका है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने भी जे0डी0 बस्ती को पत्र लिखकर पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान करने व पटल सहायक के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग किया है। इस सम्बन्ध में डीआईओएस अरूण कुमार ने बताया कि अभी मैं तहसील दिवस में हूँ और श्रीमती सुरेखा की पत्रावली प्रयागराज भेजी गई है, शीघ्र सभी देयकों का भुगतान हो जायेगा।




