उ०प्र० संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने डीएम समेत अन्य को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी संघ (ट्रेड यूनियन) के बैनर तले अध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह की अध्यक्षता में संगठन के पदाधिकारी व सदस्यों ने जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर० समेत जिला सहकारी बैंक लिमिटेड सिद्धार्थनगर ष्अष् व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता सिद्धार्थनगर से मुलाकात कर उन्हें 5 विन्दुओं का ज्ञापन सौंपा है। जिलाधिकारी को दिए गये ज्ञापन में विन्दु संख्या 1 में लिखा कि लखीमपुर खीरी के सचिव अजय कुमार मिश्रा के सुसाइड नोट के आधार पर कार्यवाही करने पर विचार करने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी लिखा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाता है कि संगठन के प्रांतीय नेतृत्व के दिशा-निर्देश के अनुसार लखीमपुर खीरी के वी. पैक्स सचिव अजय कुमार मिश्रा के सुसाइड नोट के अनुसार दोषियों पर तत्काल कार्यवाही किया जाय, यदि कार्यवाही नहीं होगी, तब तक हम लोग विभागीय कार्यों का बहिष्कार करेंगें । विन्दु संख्या 2 में लिखा कि सदस्यता महाभियान पर विचार करें, क्योंकि पूर्व में पूरे जनपद में सचिवों ने तनमन से लग कर के अधिक से अधिक सदस्य बनाने का कार्य किया था, लेकिन सदस्यों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, वे सब अपना हिस्सा समिति में जमा करके अफसोस में है, उर्वरक वितरण में उनको कोई वरीयता नहीं मिल पा रही है, आम किसानों के साथ लाइन लगाकर उर्वरक लेना पड़ रहा है। अधिकांश लोग अपना हिस्सा वापस मांग रहे हैं, तथा समिति सचिवों को अपशब्द कह रहे हैं, इस कारण कोई सचिव नया सदस्य बनाने को तैयार नहीं है, अपनी-अपनी बेइज्जती के डर से सभी लोग इस सदस्यता महाभियान का बहिष्कार करते है। विन्दु संख्या 3 के सन्दर्भ के लिखा कि धान, गेंहू खरीद के कमीशन पर विचार करें समितियों को धान/गेंहू खरीद पर अभी तक कमीशन मण्डी शुल्क हैण्डलिंग शुल्क नहीं प्राप्त हुआ है, उसका तत्काल भुगतान कराया जाय। विन्दु संख्या 4 में लिखा कि च्व्ै मशीन में संशोधन पर विचार करें। च्व्ै मशीन में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, कि यह पता किया जा सके कि किसान कितना जगह पर अंगूठा लगाकर कितनी मात्रा में उर्वरक प्राप्त किया है। इसका फायदा उठाते हुए अधिक से अधिक किसान उर्वरक का कालाबाजारी कर रहे है और दोष सचिव पर मठा जा रहा है, जिला पर से अन्य विभाग के अधिकारी फोन करके व्यवस्था खराब करते है, च्व्ै मशीन में ऐसी व्यवस्था किया जाय कि अगर किसान एक बार उर्वरक प्राप्त कर लिया है, तो उसका अंगूठा एक महीना तक न लगे। ऐसी व्यवस्था होने पर कालाबाजारी से बचा जा सकता है। नहीं तो यह समस्या कभी समाप्त नहीं होगी । च्व्ै मशीन में ऐसी व्यवस्था करवायी जाये तो सचिवों को जांच के नाम पर उत्पीडित एवं शोषित नहीं होना पड़ेगा । विन्दु संख्या 5 में लिखा कि जो सचिव निलंबित है उनको तत्काल बहाल किया जाय, अन्यथा की दशा में जब तक हमारी मांगों का समाधान नहीं किया जाता है, तब तक हम समस्त सचिव आज से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करते है। इस दौरान सचिव ज्वाला सिंह, रमेश कुमार यादव, आशीष चौधरी, अजीत साहनी, अनिल मिश्रा, राम उजागिर यादव, राजेश पाण्डेय, महामंत्री राजेश प्रसाद समेत पूरे जनपद के पूरे सचिव मौजूद रहे।



