खेल और संस्कृति से गूंजा थारू महोत्सव, सांसद व विधायक ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

बलरामपुर। थारू जनजाति समाजोत्थान समिति उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित थारू महोत्सव की शुरुआत 28 सितंबर से हो चुकी है, जो आगामी 1 अक्टूबर तक चलेगा। इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से आए खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। सोमवार को खेलकूद प्रतियोगिताओं का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और नींबू-चम्मच दौड़ जैसे पारंपरिक खेलों से मैदान गूंज उठा। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए कार्यक्रम में श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा और गैंसडी विधायक राकेश यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया और कहा कि ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं को भी मजबूती देते हैं।थारू महोत्सव को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों की बड़ी भूमिका रही। आयोजन समिति के सचिव थारू मंगल प्रसाद राणा, संगठन सचिव अजय प्रताप थारू, महामंत्री बलराम थारू, कोषाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप चौधरी, संरक्षक अशोक कुमार चौधरी और पूर्व कमिश्नर चांदराम चौधरी लगातार कार्यक्रम की रूपरेखा को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे रहे। इसके अलावा ग्राम प्रधान नीलम, अक्षय, और समाजसेवी बैजनाथ, राकेश, आलोक चौधरी, मनोज, रूपेश, शेखर, सहदेव, महादेवन, विवेक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग देकर आयोजन को सफल बनाने का कार्य किया। स्थानीय लोगों का भी व्यापक सहयोग देखने को मिला, जिससे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।प्रतियोगिताओं के पहले दिन खिलाड़ियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। कबड्डी और खो-खो में खिलाड़ियों की फुर्ती और दमखम दर्शकों को आकर्षित कर रहा था, वहीं वॉलीबॉल मैचों ने रोमांचक माहौल बना दिया। बच्चों के बीच आयोजित नींबू-चम्मच दौड़ में भी हंसी और उल्लास का रंग देखने को मिला।थारू महोत्सव केवल खेलकूद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति, एकता और परंपराओं के प्रदर्शन का भी प्रतीक है। आने वाले दिनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।आयोजकों ने विश्वास जताया कि यह महोत्सव न केवल थारू समाज को नई पहचान देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगा।




