अल्लाह की बन्दगी से दिल को सुकून और जिन्दगी में मालती है कामयाबी – मौलाना नामदार हुसैन

हल्लौर/सिद्धार्थनगर। तहसील डुमरियागंज के हल्लौर कस्बे में अंजुमन फरोग मातम की सातवीं मजलिस का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली से आये मौलाना नामदार हुसैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि अल्लाह की बन्दगी से दिल को सुकून और जिन्दगी में कामयाबी मिलती है। मौलाना ने कुरान की रौशनी में बन्दगी के सिद्धान्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बन्दगी का पहला सिद्धान्त तौहीद यानी एकेश्वरवाद है। अल्लाह एक है और उसकी इबादत में कोई शरीक नहीं है। बन्दगी का दूसरा सिद्धान्त सत्यनिष्ठा है। मौलाना ने कहा कि हमें अपनी हर बात और काम में सच्चाई अपनानी चाहिए। अल्लाह के नजदीक सच्चा इंसान ही सबसे प्रिय होता है। तीसरा सिद्धान्त सहिष्णुता और भाईचारा है। उन्होंने बताया कि इस्लाम सभी इंसानों को एक-दूसरे के साथ प्यार और सम्मान से रहने का सन्देश देता है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो। मौलाना नामदार ने कहा कि अल्लाह की बन्दगी हमें दुनिया और आखिरत दोनों में सुकून और कामयाबी दिलाती है। बन्दगी से इंसान के दिल में सन्तुष्टि, शान्ति और सुकून पैदा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि बन्दगी इंसान को गुनाहों से दूर रखती है और उसके दिल में दूसरों के लिए हमदर्दी और सेवा का जज्बा पैदा करती है। मजलिस के अन्त में मौलाना ने इमाम हुसैन और उनके परिवार पर हुए जुल्म का मार्मिक बयान किया। इसे सुनकर वहां मौजूद सभी अकीदतमन्दों की आंखें नम हो गईं। मजलिस की निजामत अफसर हल्लौरी ने संभाली, जबकि अम्बर मेंहदी और उनके साथियों ने मर्सिया पेश किया।




