**बहराइच: ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की नई अलख जगा रहा ‘श्री शब्बीर स्मारक न्यू लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल**

पयागपुर (बहराइच)।
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के पयागपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाला ‘श्री शब्बीर स्मारक न्यू लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल’ (बड़कागांव चौराहा/पटिहाट चौराहा) इन दिनों ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के विकास में नए-नए सोपान तय कर रहा है। क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर माहौल के लिए यह विद्यालय तेजी से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। आधुनिक संसाधनों से लैस यह संस्थान ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को तराशने का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है।
##बेहतर शैक्षणिक गतिविधियां और योग्य शिक्षक##
विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों का स्तर बेहद शानदार है। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए यहाँ आधुनिक और व्यावहारिक पद्धतियों से पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि यहाँ ‘वेल एजुकेटेड’ (उच्च शिक्षित) और अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षक हर बच्चे की क्षमता को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
##आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित वातावरण##
संस्थान की सबसे बड़ी खासियत यहाँ का पूर्णतया अनुशासित वातावरण और बच्चों की सहूलियत के लिए तैयार किया गया बुनियादी ढांचा है। स्कूल प्रशासन का मानना है कि अनुशासन के बिना बेहतर शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। संस्थान छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए कई उत्कृष्ट सुविधाएं दे रहा है:
#डिजिटल शिक्षा: बच्चों को आधुनिक दौर के लिए तैयार करने हेतु स्मार्ट क्लासेज और कंप्यूटर क्लासेस की विशेष व्यवस्था।
#परिसर की सुविधाएं: छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए हवादार व उत्तम वातावरण युक्त कक्षाएं, निर्बाध बिजली के लिए लाइट व जनरेटर बैकअप।
#स्वास्थ्य एवं खेल: शुद्ध व स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय की व्यवस्था तथा शारीरिक विकास के लिए खेलकूद का विशेष प्रशिक्षण।
#भविष्य पर फोकस: बच्चों के एजुकेशन और कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष तौर पर फोकस किया जाता है, ताकि वे भविष्य में JEE, सिविल सर्विसेज जैसी हर बड़ी प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार कर सकें।
प्रबंधक रजाजुल हसन का समर्पण
विद्यालय की इस सफलता के पीछे इसके प्रबंधक रजाजुल हसन (Rajajul Hasan) का बड़ा योगदान है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रबंधक रजाजुल हसन बच्चों के भविष्य के प्रति गहरा समर्पण का भाव रखते हैं। वे लगातार बच्चों के शैक्षणिक विकास पर ज्यादा जोर देते हैं और समय-समय पर स्कूल की व्यवस्थाओं का खुद जायजा लेते हैं।
# प्रबंधक का संदेश:
“हमारा एकमात्र उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को ऐसी शिक्षा देना है, जिससे वे आत्मनिर्भर और अनुशासित नागरिक बन सकें। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखारने के लिए हमारी पूरी टीम पूरी निष्ठा से जुटी हुई है।”— रजाजुल हसन, प्रबंधक
दिनों-दिन सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहे इस विद्यालय तथा इसकी सहयोगी संस्था ‘चिल्ड्रेन एकेडमी’ की सराहना अब क्षेत्र के अभिभावकों और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा भी जमकर की जा रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य उज्जवल होगा।




