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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

शोहरतगढ़ सोसायटी पर हंगामे के बीच बंद हुआ खाद का बितरण, आक्रोश दिखे किसान

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। जनपद के तेजतर्रार जिलाधिकारी द्वारा भले ही सभी सोसाइटियों एवं प्राइवेट दुकानों पर निर्धारित मात्रा में खाद भेजी जा रही हो, ताकि जरुरत मंद किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन सचिव समेत खाद वितरण करने वाले अधिकारियों की लापरवाही कहें कि गैर-जिम्मेदारानापन, जरुरत मंदो को खाद नहीं मिल पा रही है। आरोप है कि जिनके पास टोकन नहीं, और जो लाइन में नहीं उन्हें खाद उपलब्ध करा दी जाती है लेकिन जो किसान सुबह से लेकर शाम तक गर्मी में जूझता है उसे खाद नहीं निराशा हाथ लगती है। मामला महदेवा नानकार में संचालित शोहरतगढ़ सोसाइटी का है। शनिवार को खाद लेने पहुंची सियाव नानकार निवासी चंद्रावती ने सस्पेंड सचिव ज्वाला सिंह पर आरोप लगाया कि वह कई दिनों से खाद के लिए भटक रही है लेकिन खाद नहीं मिल रहा है। सचिव ज्वाला सिंह ने उन्हें कई बार आश्वासन दिया कि इस बार मिलेगा, लेकिन शनिवार को भी उसे खाद नहीं निराशा हाथ लगी। शोहरतगढ़ निवासी गुरुचरण ने बताया कि महदेवा स्थित शोहरतगढ़ सोसायटी पर खाद लेने के लिए आया था, लेकिन घंटो लाइन लगाने के बाद भी खाद नहीं मिला तो वहीं सियाँव नानकार निवासी संतोष चौधरी ने बताया कि शनिवार को वह खाद लेने आया था। पहले तो उससे लाइन लगवाया गया। बाद में कहा गया टोकन के हिसाब से खाद मिलेगा, लेकिन टोकन के बाद भी खाद नहीं मिला। आरोप है कि महदेवा सोसायटी पर खाद बितरण करने वाले अधिकारियों ने बिना लाइन और बिना टोकन के ही खाद दे दिए। इसके साथ ही सियाँव नानकार निवासी वीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि महदेवा स्थित सोसायटी पर वह खाद के लिए आया था। उसने लाइन भी लगाई थी लेकिन खुरहुरिया के लोगों को बिना टोकन और बिना लाइन के खाद दे दिया गया जिसको लेकर बितरण स्थल पर कतिपय लोगों द्वारा अधिकारियों से नोक झोक भी हुई थी। जानकारी के मुताबिक शोहरतगढ़ सोसायटी पर 500 बोरी खाद आया था और शनिवार को करीब 100 लोगों को ही खाद मिल पाया है। विदित हो शोहरतगढ़ सोसायटी पर खाद वितरण करने वाले अधिकारी ज्वाला सिंह सस्पेंड है तो उनकी आईडी के जरिए सचिव रमेश यादव द्वारा खाद का वितरण कराया जा रहा है। यही नहीं जिलाधिकारी के लाख जतन के बाद भी जनपद में यूरिया खाद की तस्करी नहीं रुक रही है। अब प्रधान, समाजसेवी और ग्रामीणों को यूरिया की कालाबाजारी और तस्करी रोकने में आगे आना पड़ रहा है। ताजा मामला बढ़नी विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौरा मुस्तहकम के सरयू नहर पर बने पुल का है। जहां बढ़नी ब्लॉक के एक ग्राम प्रधान ने अपने 20 से 25 साथियों के साथ उन तस्करों को पकड़ा है जो भारतीय मोटरसाइकिल ही नहीं बल्कि नेपाली मोटरसाइकिल से भारतीय खाद की तस्करी करते नजर आ रहे थे। जिनके पास से छह बोरी यूरिया खाद बरामद किया गया है। अब सवाल यह है की बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की शख़्ती के बाद भी अगर वास्तविक किसान खाद नहीं पा रहे हैं तो उसमें जिम्मेदार अधिकारी कौन है और किसकी जवाबदेही बनती है।

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