गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

संविधान मौलिक कानून के रूप में मूल्यों सिद्धांतोंव शासन के ढांचे का प्रतीक है: डा सुनीता त्रिपाठी

संविधान भारत के सर्वाेच्च विधि के रूप भूमिका निभाता है: डा किरन देवी

बांसी। रतन सेन डिग्री कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के आयोजन अन्तर्गत तीसरे दिन सोमवार को स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं द्वारा कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई की गयी। उसके पश्चात स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं को ‘‘उच्च शिक्षा में शिक्षा का स्तर’’ शीर्षक पर निबन्ध प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें उच्च शिक्षा का अर्थ है सामान्य रूप से सबको दी जानेवाली शिक्षा से ऊपर किसी विशेष विषय या विषयों में विशेष, विशद तथा शूक्ष्म शिक्षा। यह शिक्षा के उस स्तर का नाम है जो विश्वविद्यालयों, व्यावसायिक विश्वविद्यालयों, कम्युनिटी महाविद्यालयों, लिबरल आर्ट कालेजों एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों आदि के द्वारा दी जाती है। प्राथमिक एवं माध्यमिक के बाद यह शिक्षा का तृतीय स्तर है जो प्रायरू ऐच्छिक होता है। इसके अन्तर्गत स्नातक, परास्नातक एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण आदि आते हैं। भारत का उच्च शिक्षा तंत्र अमेरिका, चीन के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उच्च शिक्षा तंत्र है। विगत 50 वर्षों में देश के विश्वविद्यालयों की संख्या में 11.6 गुना, महाविद्यालयों में 12.5 गुना, विद्यार्थियों की संख्या में 60 गुना और शिक्षकों की संख्या में 25 गुना वृद्धि हुई है। सभी को उच्च शिक्षा के समान अवसर सुलभ कराने की नीति के अन्तर्गत सम्पूर्ण देश में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और साथ ही उच्च शिक्षा की अवस्थापना सुविधाओं पर विनियोग भी तदनुरुप बढ़ा है। जिसमें प्रथम स्थान ज्योति कसौधन, द्वितीय स्थान मुर्शिदा परवीन, तृतीय स्थान विनीत कुमार ने प्राप्त किया इसके बाद डॉ0 सुनीता त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में महाविद्यालय के संस्कृत विभाग की डॉ0 किरन देवी द्वारा स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं को भारत के संविधान के बारे में बताया भारतीय संविधान देश के मौलिक कानून के रूप में हमारे मूल्यों, सिद्धांतों और शासन के ढांचे का प्रतीक है। यह भारत की सर्वाेच्च विधि के रूप में भूमिका निभाता है, तथा राज्यों के कामकाज का भी मार्गदर्शन करता है। भारतीय संविधान के द्वारा नागरिकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी सुनिश्चित किया जाता है। भारतीय संविधान की संरचना कैसी है, अधिनियम, नागरिकों के मौलिक अधिकार आदि पर विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 सुनीता त्रिपाठी, डॉ0 विनोद कुमार, डॉ0 किरन देवी, निर्जला, साक्षी, कामना, ज्योति, श्रेया, अमरेश, आदि स्वयंसेवक, स्वयंसेविकायें उपस्थित रहीं।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!