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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

श्रीमद्भागवत कथा सुनकर आरती होते ही धुंधकारी प्रेत से मिलती है मुक्ति – राधेश्याम महाराज जी

मिश्रौलिया/सिद्धार्थनगर। जिले के बांसी तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत विकास खण्ड बांसी के ग्राम पंचायत संग्रामपुर में श्रीमद्भागवत भागवत कथा का आयोजन पवन पुत्र बुध्देश के घर पर हों रहा है। वहीं आयोजन मंगलवार से आरम्भ होकर नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत का आयोजन सुनिश्चित हुआ है। पण्डित राधेश्याम जी महाराज, ओम प्रकाश एवं हरिहर पंडित ने सभी यजमान को सूर्य पूजा करके मण्डप में प्रवेश करने बाद सभी देवी देवताओं का आह्वान कर पूजा अर्चना किया। वहीं देर सायंकाल में कथाव्यास जी पूज्या पण्डित राधेश्याम जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के गौकरन एवं धुंधकारी दोनों भाईयों की चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि दोनों एक ही माता-पिता के पुत्र होते हुए भी दोनों का संगत के असर से दोनों लोगों में एक पूरब है, तो एक पश्चिम है। एक पूजा पाठ करके शिक्षा ग्रहण करके ज्ञानी विद्वान बनें और वहीं दूसरा गलत संगत से जुआरी शराबी व गलत ब्याबाचारी होता है। लाख गलती के बाद भी शिक्षित ज्ञानी भाई अपने भाई के गलत कार्य को सही दिशा दिखाने का राय देते हैं। वहीं धुंधकारी के मुक्ति के लिए गौकरन जी श्रीमद्भागवत कथा का सुनाने का आयोजन करने लगे। श्रीमद्भागवत कथा सुनकर आरती होते ही धुंधकारी प्रेत से मुक्ति मिलती है। श्रीमद्भागवत कथा का निरन्तर (तीन दिन) का कथा हुआ। शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव वर्णन किया जायेगा। कथा के दौरान उपस्थित रहे मुख्य मुख्य यजमान वुध्देश, राजकुमार, पवन कुमार, राम कुमार, शिवकुमार, सतीश गुप्ता, राधेश्याम, निषाद, सचिन, अकाश, अभिषेक, आशीष, ऋषि, पदारथ, रामू निषाद, हरगोविन्द, मनोज डॉक्टर, रोहित, बहादुर, ग्राम प्रधान चन्द्रशेखर चौधरी (भरत), दिलीप जयसवाल, ज्ञान सुन्दर जायसवाल आदि सहित तमाम भक्त गण लोग उपस्थित रहें।

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