सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल! तालाब पाटकर बनाया कब्जे का अड्डा, बंजर भूमि पर खड़ा कर दिया साम्राज्य

पयागपुर, बहराइच। पयागपुर तहसील अंतर्गत शिवदहा बरगदही गांव में सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। गांव के लोगों का आरोप है कि तालाब की गाटा संख्या 2438 और बंजर भूमि गाटा संख्या 2439 पर दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया गया है। आरोप सीधे शंकर दयाल शुक्ला व उनके पुत्रों पर लगाए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव का सार्वजनिक तालाब, जो कभी जल संरक्षण का प्रमुख स्रोत था, उसे मिट्टी डालकर पाट दिया गया। इसके बाद बंजर भूमि पर बाउंड्रीवाल खड़ी कर गोदाम और चन्नी का निर्माण करा लिया गया तथा गेट लगाकर सरकारी जमीन को निजी जागीर में बदल दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी जमीन पर इतना बड़ा निर्माण होता रहा और जिम्मेदार विभाग आखिर किस नींद में सोया रहा? क्या बिना प्रशासनिक मिलीभगत के तालाब और बंजर भूमि पर कब्जा संभव है? गांव में यही चर्चा जोरों पर है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर तालाब और सार्वजनिक भूमि ही दबंगों के कब्जे में चली जाएगी तो आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या बचेगा? ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराता है या फिर फाइलों में जांच का खेल चलता रहेगा।




