कागज़ी दोने में परोसा जा रहा जहर? बहराइच में स्वास्थ्य से खिलवाड़ जारी

दैनिक बुद्ध का सन्देश
बहराइच। जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होटल, ढाबे और टिक्की-चाट की दुकानों पर इन दिनों कागज से बने दोने का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। यह दोने सामान्य कागज के नहीं होते, बल्कि इनके ऊपर हल्की पॉलिथीन जैसी परत चढ़ी होती है, जो देखने में तो साधारण लगती है लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
स्थानीय दुकानदार इन दोने में गर्म-गर्म खाद्य पदार्थ जैसे टिक्की, चाट, छोले आदि परोसकर ग्राहकों को दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जब इस प्रकार के लेमिनेटेड (पॉलिथीन कोटेड) दोने में गर्म भोजन डाला जाता है, तो उसमें मौजूद केमिकल पिघलकर खाने में मिल सकते हैं, जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस तरह के दोने में भोजन करने से शरीर में विषैले तत्व प्रवेश कर सकते हैं, जिससे कैंसर, पेट संबंधी रोग, हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक इसका सेवन लोगों को असमय गंभीर बीमारियों की चपेट में ला सकता है।
इसके बावजूद दुकानदार सस्ते और सुविधाजनक विकल्प के चलते इन दोने का उपयोग बंद करने को तैयार नहीं हैं। आम जनता भी अनजाने में इस खतरे को नजरअंदाज कर रही है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि प्रशासन द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से न तो जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकार के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री के उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखा जा सके।




