चीनी मिल प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप, मशीन ऑपरेटर ने दी आत्मदाह की चेतावनी

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। जनपद की चीनी मिल में कार्यरत एक स्थाई कर्मचारी ने मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन और मीडिया से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि बीमारी के बाद ड्यूटी पर लौटने पर उसे जबरन एक अज्ञात शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया और इनकार करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने एक सप्ताह के भीतर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। मिली जानकारी के अनुसार, सुनील कुमार पाठक पुत्र घनश्याम पाठक, जो पिछले 23 वर्षों से बलरामपुर चीनी मिल में मशीन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि बीती 2 फरवरी को उनकी तबीयत खराब हो गई थी। नियमानुसार छुट्टी लेकर इलाज कराने के बाद जब वे 15 दिन बाद स्वस्थ होकर फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ ड्यूटी पर लौटे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास पीड़ित का आरोप है कि मिल प्रबंधक डी.के. सिंह ने उन्हें एक शपथ पत्र थमाया और बिना पढ़े उस पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। जब सुनील ने कागज पढ़ने की मांग की, तो प्रबंधक ने उन्हें नौकरी से निकालने और मिल परिसर में न घुसने देने की धमकी दी। इस दुर्व्यवहार और मानसिक आघात के कारण पीड़ित वहीं बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। सुनील कुमार पाठक ने अपने पत्र में प्रबंधन के अन्य अधिकारियों, के.के. बाजपेयी आदि पर भी श्रमिकों के शोषण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि श्रमिकों को बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के नौकरी से निकाला जा रहा है। श्रमिक संगठनों को सुनियोजित तरीके से खत्म किया जा रहा है ताकि आवाज उठाने वाला कोई न बचे। नियमों और स्थाई आदेशों की अनदेखी कर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।प्रशासन से न्याय की मांग पीड़ित ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक विधिक कार्रवाई करने और मिल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न को रोकने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर चेतावनी और आरोपों पर क्या कदम उठाता है।
मैं अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य हूँ। यदि मुझे बिना किसी कारण नौकरी से निकाला गया, तो मेरे सामने भुखमरी की स्थिति आ जाएगी। अगर एक सप्ताह के भीतर इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं मिल के मुख्य द्वार पर आत्मदाह करने के लिए मजबूर होऊंगा।- सुनील कुमार पाठक (पीड़ित कर्मचारी)




