जल संरक्षण की दिशा में निरंकारी मिशन का सशक्त कदम ‘प्रोजेक्ट अमृत’

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। सेवा जब साधना बन जाए और प्रकृति के प्रति संवेदना जीवन का मूल मंत्र बन जाए, तब समाज में परिवर्तन के पावन संकल्प जन्म लेते हैं। मानव सेवा और लोक कल्याण की इसी भावना को साकार करने के उद्देश्य से संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण का शुभारंभ रविवार को किया गया। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि यह व्यापक अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित हुआ। जनपद मुख्यालय स्थित छठ घाट पर सफाई कार्यक्रम की शुरुआत नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव ने की। उन्होंने कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार और ईश्वर की अमूल्य देन है। इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि मिशन, बाबा हरदेव सिंह की प्रेरणादायी शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दे रहा है। यह पहल किसी एक दिन तक सीमित न रहकर सतत जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। नदियों, झीलों, तालाबों और कुओं जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु समर्पित इस अभियान ने पूर्व के तीन चरणों में सेवा और सहभागिता की मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि सतगुरु माता का संदेश है कि धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक स्वच्छ व संतुलित रूप में संजोकर रखा जाए। ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान इसी संकल्प का सजीव प्रतीक बनकर समाज में जागरूकता और सहभागिता का विस्तार कर रहा है।




