एसआईआर के नोटिसों के निस्तारण को लेकर उठे सवाल

दैनिक बुद्ध का संदेश
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगरंविशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत जारी नोटिसों के सत्यापन को लेकर शोहरतगढ़ में अव्यवस्था और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने मतदाता सूची की त्रुटियों व डोर-टू-डोर सत्यापन न होने पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।रविवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत शोहरतगढ़ स्थित राजस्थान अतिथि भवन (मारवाड़ी धर्मशाला) परिसर में बीएलओ टीम द्वारा कैंप लगाकर नोटिसों का सत्यापन किया गया। विभिन्न बूथों पर प्रेषित नोटिसों के सापेक्ष सीमित संख्या में ही सत्यापन हो सका। बूथ संख्या 273 पर 130 नोटिसों के सापेक्ष 80 का सत्यापन किया गया। बूथ संख्या 274 पर 100 में से 50, बूथ संख्या 275 पर 84 में से 44, बूथ संख्या 278 पर 77 में से 12 तथा बूथ संख्या 279 पर 93 में से मात्र 15 नोटिसों का सत्यापन किया गया। शेष लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी बताई गई।इसी क्रम में नगर के जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों ने सत्यापन व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उनका कहना है कि मतदाता सूची की सही मैपिंग न होने के कारण लोगों को अनावश्यक रूप से नोटिस भेजी जा रही है। साथ ही बीएलओ द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क न करने से लोगों को घंटों कैंप स्थल पर प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। सभासद प्रतिनिधि एवं पूर्व ग्राम प्रधान राजकुमार मोदनवाल ने आरोप लगाया कि अपलोड किए गए फार्म सही तरीके से दर्ज न होने के कारण भी लोगों को नोटिस मिल रही है। उन्होंने कहा कि लोग सही तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद बार-बार नोटिस पा रहे हैं, जिससे अनावश्यक परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने बीएलओ से घर-घर संपर्क कर सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग की। नगर पंचायत के पूर्व सभासद एवं व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि व्यापारी परिवारों को एसआईआर सत्यापन के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सत्यापन के लिए लंबी लाइनें लगवाई जा रही हैं, जो प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में सही फार्म भरने वाले लोगों को भी नोटिस मिलना व्यवस्था की खामी है।सभासद प्रतिनिधि बबलू गौड़ ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम एवं क्रमांक संबंधी त्रुटियां थीं, जिसके चलते कई लोगों को पुनः नोटिस जारी की गई है। उन्होंने मांग की कि पुरानी मतदाता सूची को दुरुस्त कर ही सत्यापन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। इस दौरान बीएलओ गणेश यादव, गुंजा, नीलम जायसवाल, राकेश जायसवाल, संतोष कुमार चौधरी सहित मनोज गुप्ता, राजकुमार मोदनवाल, बबलू गौड़, दिलीप वर्मा, इंद्रेश तिवारी आदि मौजूद रहे।




