देहदान महादान: चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही पहल

दैनिक बुद्ध का संदेश
बहराइच। डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल सबलापुर, बहराइच को देहदान के माध्यम से एक केडेवर (मृत शरीर) प्राप्त हुआ, जिससे बी.ए.एम.एस. के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को प्रैक्टिकल अध्ययन का अवसर मिला। यह पहल चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है और विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को प्रत्यक्ष रूप से समझने में सहायता मिलेगी। मानव सेवा की सर्वाेच्च मिसाल माने जाने वाले देहदान को “महादान” कहा जाता है, क्योंकि यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों के जीवन को संवारने का माध्यम बनता है। देहदान के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर को मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए समर्पित करता है, जिससे मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र मानव शरीर की बनावट और अंगों की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझ पाते हैं। डॉ सर्वेश कुमार शुक्ला आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर (रचना शरीर विभाग) के डॉ. देवेश कुमार तिवारी व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार माहिच ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा में वास्तविक मानव शरीर पर अध्ययन करना अत्यंत आवश्यक होता है। देहदान से भविष्य के डॉक्टरों को सही प्रशिक्षण मिलता है, जिसके परिणामस्वरूप वे मरीजों को बेहतर उपचार देने में सक्षम बनते हैं। इस प्रकार एक दाता की अंतिम इच्छा अनगिनत लोगों के जीवन को अप्रत्यक्ष रूप से बचाने का कारण बनती है। संस्था के चेयरमैन डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला एवं कॉलेज प्रशासन ने देहदान करने वाले दिवंगत व्यक्ति के परिजनों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है, उन्होंने बताया कि इस महादान से अनेक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त होगी और वे भविष्य में बेहतर चिकित्सक बनकर समाज की सेवा कर सकेंगे। कालेज प्रशासन ने परिजनों को प्रमाण पत्र देकर धन्यवाद ज्ञापित किया। बी.ए.एम.एस. के छात्र-छात्राओं को शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. सर्वेश कुमार शुक्ला, डायरेक्टर पल्लवी शुक्ला, आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश चन्द्र तिवारी, डॉ. चन्द्र शेखर, प्रशासनिक प्रबंधक विनोद कुमार त्रिपाठी, सौरभ शुक्ला, अरुण यादव समेत बी.ए.एम.एस.के नव प्रवेशित छात्र-छात्राएं मौजूद रहें।




