सहभोज के माध्यम से दिया समरसता का संदेश

दैनिक बुद्ध का संदेश
बस्ती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बस्ती नगर ने मकर संक्रांति के अवसर पर समरसता का संदेश देने के लिए एक उत्सव और सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम बस्ती के सरस्वती विद्या मंदिर, रामबाग में संपन्न हुआ, जिसमें स्वयंसेवकों और समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी थे। उन्होंने अपने संबोधन में मकर संक्रांति के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। रमेश जी ने कहा कि यह पर्व केवल ऋतु परिवर्तन का नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और पारस्परिक सद्भाव का प्रतीक है। रमेश जी ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की वास्तविक शक्ति तब प्रकट होती है जब सभी वर्ग, जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनते हैं। उन्होंने कहा कि समरस समाज की स्थापना ही एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव है। उन्होंने श्एक भारतदृश्रेष्ठ भारतश् की भावना को अपनाने का आह्वान किया। रमेश जी ने कहा कि जाति, वर्ग और भौतिक भेदों को समाप्त कर सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने सहभोज को सामाजिक समरसता का एक प्रभावी माध्यम बताया, जिससे समाज में अपनत्व, भाईचारे और एकता की भावना प्रबल होती है। कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ। इस सहभोज ने सामाजिक समरसता का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन सादगी, अनुशासन और आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुदर्शन मेहंदी दत्ता ने की। इस अवसर पर विभाग संघ चालक नरेंद्र भाटिया, विभाग कार्यवाह आशीष, विभाग प्रचारक ऋषि, जिला कार्यवाह नीरज, जिला प्रचारक सर्वेंद्र, नगर संघ चालक सुनील मिश्रा, नगर कार्यवाह आशीष शिवाकांत, गोविंद सिंह जी, सहित वायुंन्दन, वीरेंद्र, मुन्ना, श्रीराम, शिवेंद्र, सुबोध, प्रदीप और अन्य कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




