समायोजन प्रक्रिया का शिक्षकों ने किया बहिष्कार, विसंगति दूर करने की मांग

सिद्धार्थनगर। सरप्लस शिक्षक व रिक्ति वाले विद्यालयों की सूची में विसंगति का आरोप लगाकर शिक्षकों ने समायोजन की काउंसिलिंग का विरोध किया। प्रभावित शिक्षक-शिक्षिकाएं बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के समक्ष रात तक जमे रहे। समायोजन के लिए काउंसिलिंग का समय अपराह्न 3ः30 बजे से निर्धारित था। शिक्षकों के बहिष्कार करने से काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रभावित रही। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने बताया कि समायोजन के लिए जो सूची बनाई गई है वह त्रुटिपूर्ण है। तीन दिन में कई तरह की सूची जारी करके पूरी प्रक्रिया को उलझा दिया गया है। विद्यालयों के संतृप्तिकरण के मूल उद्देश्य की अनदेखी की जा रही है। कहा कि काउंसिलिंग की सूचना मंगलवार को ही दोपहर बाद जारी किया गया और दो घंटे के भीतर शिक्षकों को कार्यालय बुलाया गया जबकि अधिकांश शिक्षक बाहरी जनपदों के हैं। कहा कि जो शिक्षक तीन माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं उनका भी नाम सरप्लस शिक्षक की सूची में सम्मिलित हैं। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने विसंगतियों को दूर करने के बाद पर्याप्त समय देकर काउंसिलिंग कराए जाने हेतु मांगपत्र बीएसए को सौंपा। आरएसएम के अभय सिंह ने कहा कि कंपोजिट विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक चिंहित करने में गड़बड़ी की गई। सभी विसंगतियों का निस्तारण किया जाय। कलिमुल्लाह, दिनेश सिंह, राकेश पांडेय, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, विपुल सिंह ,सुबाश वरुण ,आशुतोष उपाध्याय, शिवपाल सिंह आदि उपस्थित रहे।




