एंटी करप्शन टीम गोंडा ने तहसील पयागपुर में कार्यरत राजस्व निरीक्षक राममिलन को रंगे हाथों घूस लेते हुए पकड़ा
दैनिक बुद्ध का सन्देश
विशेश्वरगंज/बहराइच। घूस लेकर काम करने वालों की अब खैर नहीं है इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन टीम को विभिन्न मंडलों में तैनात कर दिया है ताकि भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाया जा सके। इसी के तहत आज पयागपुर तहसील क्षेत्र में पयागपुर इकौना रोड पर स्थित पटिहाट चौराहा के पास एंटी करप्शन टीम गोंडा देवीपाटन मंडल के निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह ने घूस लेते हुए पयागपुर तहसील में कार्यरत राजस्व निरीक्षक राम मिलन को रंगे हाथ पकड़ लिया फिर एंटी करप्शन टीम राजस्व निरीक्षक राममिलन को विशेश्वरगंज थाने पर ले गई , जहां पर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया। मालूम हो कि विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत अमराई गांव के निवासी दीनानाथ पुत्र रामतेज निवासी ग्राम अमराई थाना विशेश्वरगंज ने खेत की पैमाइश की रिपोर्ट लगाने के लिए कहा था , जिस पर पैमाइश की रिपोर्ट लगाने के एवज में राजस्व निरीक्षक ने रिश्वत का मांग किया था, जिसको लेकर अमराई गांव के रहने वाले रामतेज ने एंटी करप्शन टीम गोंडा देवीपाटन मंडल से शिकायत किया था। शिकायत को संज्ञान में लेकर एंटी करप्शन टीम गोंडा देवीपाटन मंडल के निरीक्षक ने आकर राजस्व निरीक्षक राममिलन को रंगे हाथों रुपए 6000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया, देखते ही देखते लोगों की भीड़ लग गई। एंटी करप्शन टीम गोंडा के द्वारा पकड़े गए राजस्व निरीक्षक राम मिलन पुत्र स्वर्गीय सहदेव निवासी रमपुरवा (हरैया) तहसील मिहीपुरवा (मोतीपुर) थाना सुजौली बहराइच के रहने वाले हैं और पयागपुर तहसील के क्षेत्र तेंदुआ कबीर में तैनात थे। रिश्वतखोरी लेते हुए रंगो हाथ पकड़े जाने का पहला मामला पयागपुर तहसील में सन 2025 में आया है जिसमें रिश्वत लेते हुए पयागपुर तहसील में कार्यरत राजस्व निरीक्षक राममिलन को एंटी करप्शन टीम गोंडा के द्वारा पकड़ कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया। इस घटना की सूचना पाते ही पयागपुर तहसील में कार्यरत लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तथा अन्य कर्मियों में खलबली मच गई।




