2008 में बनी नगर पंचायत डुमरियागंज, लेकिन हाल आज भी पुराने गाँव जैसे,अधूरे नाला से बह रही बदबू
नाला अधूरा, नाला गंदा, नगर पंचायत की लापरवाही पर उबल रहा जनमानस

श्याम सुन्दर शुक्ला/दैनिक बुद्ध का संदेश
डुमरियागंज। विकास के दावे हवा,हवाई साबित हो रहे हैं। नगर पंचायत डुमरियागंज को वर्ष 2008 में नगर पंचायत का दर्जा भले ही मिल गया हो, लेकिन हालात आज भी पुराने दिनों जैसे ही हैं। वार्ड राजेंद्र नगर (बैदौला चौराहा) स्थित मिठास कैफे होटल के पास बना नाला वर्षों से अधूरा पड़ा है।अधूरे नाले से लगातार गंदगी और मच्छरों का साम्राज्य फैला हुआ है। वहीं शिव आजोर का कहना है कि चुनाव के बाद सभासद गायब हो जाते हैं, सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही सक्रिय रहते हैं।वार्ड के वासियों ने नगर प्रशासन से नाले पर ढक्कन लगाने और नियमित सफाई व्यवस्था की मांग की है।
वही मिठास कैफे के करामत ने बताया शाम होते ही मच्छरों और बदबू से लोग परेशान हो जाते हैः
गर्म मौसम में दुर्गंध से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। बज-बजाती नालियां और मच्छरों का अड्डा बीमारी को न्योता दे रहा है, मगर नगर प्रशासन और संबंधित सभासद मौन साधे बैठे हैं।लोगों ने माँग नगर प्रशासन से की हैं जल्द इस पर ढक्कनऔर सफाई कराना सुनिश्चित करें अब सवाल यह है कि नगर पंचायत का दर्जा मिला किस विकास के लिए, जब बुनियादी सफाई तक पूरी नहीं हो सकी जब इस प्रकरण में नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी सचिन कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो फोन रिसिव नहीं हुआ !




