स्वर्णिम छत्र से आलोकित होगा मां पाटेश्वरी का दरबार’

बलरामपुर। इस बार नवरात्र महोत्सव में मां पोटश्वरी का दरबार और भी भव्य रूप में सजेगा। मंदिर के गर्भगृह में लगे स्वर्णिम छत्र और सुनहरी परतों से सजी दीवारें नई आभा के साथ दमकेंगी। सफाई और सोने की पॉलिश के बाद गर्भगृह का हर कोना चमकेगा। स्वर्णिम आभा से आलोकित दरबार का दर्शन श्रद्धालुओं को अद्भुत अनुभव कराएगा।देवीपाटन शक्तिपीठ न केवल अवध और पूर्वांचल बल्कि पूरे नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र है। मान्यता है कि यहां माता सती का दाहिना कंधा गिरा था। तभी से यह स्थान शक्ति उपासना का सिद्ध पीठ माना जाता है। नवरात्र के अवसर पर यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 22 सितंबर से आरंभ होने वाले शारदीय नवरात्र महोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से कतारबद्ध दर्शन व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली और साफ-सफाई की व्यापक तैयारी की गई है।सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ रोडवेज व रेलवे के विशेष प्रबंध मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए मेला क्षेत्र में 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। अस्थायी मेला कोतवाली स्थापित की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्थायी शिविर, एंबुलेंस सेवा और महिला चिकित्सा टीम की तैनाती होगी। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए इस बार अस्थायी बस अड्डा बनाया गया है। यहां से आसपास के मार्गों पर 40 रोडवेज बसों का विशेष संचालन किया जाएगा। रेलवे ने भी मेले को लेकर तैयारी की है। स्टेशन पर अस्थायी यात्री शेड, अतिरिक्त टिकट खिड़कियां और साफ-सफाई की व्यवस्था होगी। साथ ही दो जोड़ी नई ट्रेनें इस अवधि में विशेष रूप से चलाई जाएंगी। बैठक कर की तैयारियों की समीक्षादेवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेश नाथ योगी ने तैयारियों की समीक्षा के लिए देर शाम अधिकारियों के साथ बैठक की। एडीएम ज्योति राय ने बताया कि मेले की तैयारी पूरी की जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। पीठाधीश्वर ने कहा कि मां पाटेश्वरी के दरबार में आने वाला हर श्रद्धालु आत्मीयता और अपनत्व का अनुभव करे, यही हमारी प्राथमिकता है। मां का स्वर्णिम छत्र और सुनहरी दीवारें श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का अद्भुत प्रतीक बनेंगी। घंटों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और मां के जयकारों से पूरा परिसर गूंजेगा। रात में मंदिर और गलियां रोशनी से जगमग नजर आएंगी।
मंदिर में नवरात्र महोत्सव की तैयारी पर एक नजर’
– मान्यताहै की यहां माता सती का दाहिना कंधा गिरा था
– गर्भगृह में स्वर्णिम छत्र व सुनहरी दीवारें आकर्षण का केंद्र
– 100 सीसीटीवी कैमरे, अस्थायी मेला कोतवाली
– अस्थायी बस अड्डा, 40 रोडवेज बसों का संचालन
– रेलवे स्टेशन पर विशेष इंतजाम, दो जोड़ी नई ट्रेनें भी चलेंगी
– स्वास्थ्य शिविर, एंबुलेंस व महिला चिकित्सा दल तैनात
– कतारबद्ध दर्शन, 24 घंटे बिजली व स्वच्छ पेयजल
– रोशनी से जगमग रहेगा पूरा परिसर




