शारदीय नवरात्रि की तैयारियों में जुटे मंदिर, देवी दरबार सजे, भक्तों में उत्साह

श्रावस्ती। आगामी शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू हो रही है। इसी को लेकर जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में सजावट और तैयारियों का दौर तेज हो गया है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। इकौना थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव टंडवामहंत स्थित पौराणिक सिद्धपीठ सीताद्वार मंदिर में माता सीता के नव रूपों की नवरात्र भर विधिवत पूजा-अर्चना होगी। यहां न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। इसी तरह भिनगा तहसील के सिद्धपीठ जगपति माता मंदिर, राजशी काली माता मंदिर और इकौना के ज्वालादेवी मंदिर समेत जिले के अन्य देवी मंदिरों में भी नवरात्र की तैयारियां जोरों पर हैं। सीताद्वार मंदिर के महंत पंडित संतोष दास तिवारी ने बताया कि वे बचपन से ही मंदिर की सेवा करते आ रहे हैं और यह परंपरा उनके पूर्वजों से सदियों से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि मंदिर प्रांगण में विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। देवी के आभूषणों, वस्त्रों और पूजा सामग्री को सोडा और एसिड मिश्रित गुनगुने पानी में साफ कर नई चमक दी गई है। इस सेवा में देवी की उत्सव मूर्ति, पादुका, गदा, तलवार, थाल, दीपक, कलश, पालना, झूमर, गले के आभूषण सहित दर्जनों वस्तुएं शामिल हैं। इस दौरान मंदिर प्रांगण में भक्तों की भीड़ लगी रही। कोई आभूषण साफ कर रहा था तो कोई वस्त्रों को धोकर चमका रहा था। भक्तों का कहना है कि नवरात्र से पहले ही देवी का दरबार पहले से कहीं अधिक दिव्य और आलोकित नजर आ रहा है। ज्ञात हो कि नवरात्रि वर्ष में दो बार आती है दृ चौत्र और शारदीय नवरात्र। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर श्रद्धालु नकारात्मक शक्तियों का नाश और जीवन में सकारात्मकता की प्राप्ति का संकल्प लेते हैं। नवरात्रि का पर्व सत्य की असत्य पर विजय और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक माना जाता है। श्रावस्ती जिले में नवरात्रि की शुरुआत से पहले ही धार्मिक माहौल भक्तिमय हो उठा है और श्रद्धालु बेसब्री से देवी मां के दरबार में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।



