भनवापुर में रहस्यमयी संक्रमण का कहर पशुपालकों में दहशत, विभाग पर नाराजगी

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड भनवापुर क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों पशुओं में एक रहस्यमयी और तेजी से फैलने वाला संक्रमण फैला हुआ है। चिताही, सेमरा बनकसिया, अंदुआ शनिचरा, रमवापुर राउत, बिजवार बढई, सेखुई गोवर्धन सहित आस-पास के गांवों में दर्जनों गोवंशीय पशु बीमार हैं और पशुपालकों में रोष व चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संक्रमण के कारण कई पशु मौत के कगार पर दिख रहे हैं। पशुओं में जो लक्षण पाये जा रहे हैं, उनमें शरीर पर गोल-गोल, बडे दाने निकलना जो बाद में फोड़े बनकर फूट जाते हैं और घाव बन जाते हैं। चारा नहीं खाना, बुखार और दूध देने की क्षमता में कमी शामिल है। क्षेत्र के पशुपालक लेखराम मिश्र, धनीराम, जयप्रकाश, नन्दलाल व रामललित आदि ने बताया कि फिलहाल प्रभावित पशुओं का कारगर इलाज स्थानीय पशु अस्पतालों पर उपलब्ध नहीं है और गांवों में टीकाकरण भी नहीं हो पा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि अगर समय रहते प्रभावी इलाज व व्यापक टीकाकरण की कार्रवाई नहीं हुई तो पशुओं की मृत्यु दर में असर आने और भारी आर्थिक नुकसान होने का खतरा है। उन्होंने पशुपालन विभाग से तत्काल कदम उठाकर गांवों में टीकाकरण और इलाज उपलब्ध कराने की मांग की है। इस मामले पर प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि यह लंम्पी स्किन डिजीज है। हमें अभी तक सात सौ डोज वैक्सीन मिली हैं, जिन्हें प्राथमिकता के साथ गौशालाओं में लगाया जा रहा है। अतिरिक्त वैक्सीन आने पर गांवों में भी व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा। पशुपालन विभाग ने कहा है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक वैक्सीन तथा उपचार सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, परन्तु स्थानीय स्तर पर तेजी से फैलते संक्रमण ने पशुपालकों में नाराजगी और चिन्ता बढ़ा दी है।




