बने आरआरसी सेंटर हो रहे बदहाल, साबित हो रहे केवल शोपीस

बहराइच। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के हर जिले के हर ब्लॉक अंतर्गत प्रत्येक गांव में पंचायत भवन, आर आर सी सेंटर बनवाया लेकिन जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही की वजह से अब पंचायत भवन, आर आर सी सेंटर निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं क्योंकि अनेक पंचायत भवन में ना तो प्रधान बैठते हैं ना ही सचिव बैठते हैं और ना ही पंचायत सहायक बैठते हैं और आए दिन पंचायत भवन में ताला लगा हुआ मिलता है तथा कूड़ा प्रबंधन के लिए बनाया गया आरआरसी सेंटर भी अब बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। ऐसे में जब इस तरीके से लापरवाही बढ़ती जाएगी तो फिर गांव का विकास कैसे होगा। लोग आय जाति निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूर स्थित लोकवाणी केंद्र पर जाते हैं लेकिन सरकार के द्वारा पंचायत भवन में सब प्रकार की सुविधा उपलब्ध करा दी गई फिर भी ग्राम प्रधान और सचिव की लापरवाही के कारण सरकार की यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है जिससे गांव के लोग पंचायत भवन से किसी भी प्रकार का कोई लाभ प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। आय जाति निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन्हें तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में जब संवाददाता ने हकीकत जानने के लिए विभिन्न ग्राम सभाओं का दौरा किया तो देखने को मिला:-
पहला दृश्यः ग्राम पंचायत सुनगा
विकासखंड विशेश्वरगंज अंतर्गत ग्राम सुनगा में जब संवाददाता ने हकीकत जानने के लिये बने पंचायत भवन का दौरा किया तो पंचायत भवन में गेट पर लगा हुआ साइन बोर्ड का एक तरफ का हिस्सा टूटकर झुक गया जिसे आज तक सही नहीं कराया गया। पंचायत भवन के अंदर बने कमरों में ताला लगा हुआ पाया गया तथा साफ सफाई की कोई भी व्यवस्था मुकम्मल नहीं मिली।
दूसरा दृश्यः ग्राम पंचायत नेजाभार
विकासखंड विशेश्वरगंज अंतर्गत ग्राम नेजाभार में जब संवाददाता ने हकीकत जानने के लिए बने आर आर सी सेंटर का दौरा किया तो आरआरसी सेंटर जाने के लिए रास्ता भी सहित नहीं मिला तथा आरआरसी सेंटर के ऊपर डाला गया टीन शेड भी उजड़ा हुआ मिला तथा भारी अव्यवस्था देखने को भी मिली। आरआरसी सेंटर को जाने तक के लिए भी रास्ता सही नहीं है कच्चा रास्ता है जिस पर बड़ी-बड़ी घास लगी हुई है। लाखों रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ आरआरसी सेंटर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है।
तीसरा दृश्य: ग्राम पंचायत कलुई
विकासखंड पयागपुर अंतर्गत ग्राम सभा कलुई में जब संवाददाता ने हकीकत जानने के लिए बने आर आर सी सेंटर का दौरा किया तो आरआरसी सेंटर में अलग-अलग बनाये गए कूड़ेदान की दीवार क्षतिग्रस्त पाई गई तथा देखरेख के अभाव में पूरी तरीके से खंडहर में तब्दील हो रहा है। लाखों के लागत से बनाया गया आरआरसी सेंटर केवल शोपीस बनकर रह गया है। कूड़ा प्रबंधन के लिए सरकार के द्वारा बनाए जा रहे आरआरसी सेंटर की धरातल पर स्थिति बहुत ही बदहाल पूर्ण है और लापरवाही का शिकार हो रही है। ऐसे में अब देखना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है।




