ग्राम सभा की जमीन मुक्त कराने के लिए प्रधान ने डीएम से लगाई गुहार

शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर। डीएम साहब हमारे ग्राम सभा में एक दबंग व्यक्ति ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर उसे प्लाटिंग करके बेच रहा है, उक्त जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। जमीन कब्जा करने वाला व्यक्ति इतना मनबढ़ है कि वह लेखपाल के साथ भी मारपीट कर चुका है। विकास खण्ड शोहरतगढ़ के ग्राम पंचायत सीतारामपुर के ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दबंगों के कब्जे से ग्राम सभा की जमीन को मुक्त कराने की गुहार लगाई है। जिलाधिकारी को ग्राम प्रधान अब्दुल रसीद द्वारा दिये गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि ग्राम सीतारामपुर तप्पा घोष में स्थित गाटा सं. 28 ख रक्बा 0.192 हे0 बंजर खाते की भूमि है। जो पल्टादेवी चौराहा से बजहा मार्ग पर स्थित है तथा काफी कीमती जमीन है। गाटा सं0-28 क व 28 ग के स्वामी महमूद आलम पुत्र अब्दुल वहाब उपरोक्त महमूद आलम गाटा सं0-28 के सटे सड़क के पीछे कुछ जमीन क्रय करके विधि विरूद्ध तरीके से प्लाटिंग करके बैनामा कर दिया है। साथ ही साथ गाटा सं0-28 में भी अपने रक्बा से अधिक बैनामा करके बिना नक्शा में भौतिक विभाजन कराये ही मनमाने तरीके से सड़क की जमीन पर जो ग्रामसभा की कब्जे वाली भूमि थी, उस पर अवैध निर्माण करा दिया है। कई बार राजस्व टीम मौके पर मना करने गये व पैमाइश करके अलग किये तो उपरोक्त महमूद स्वयं व अपने बेटे को ललकार कर पूर्व लेखपाल भोलानाथ चौधरी को मारा पीटा, जिससे गम्भीर चोटे आई। लेखपाल के निवेदन पर मुकदमा भी पंजीकृत किया गया, जिसमें आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। हम प्रार्थी भी ग्राम प्रधान होने की वजह से उपरोक्त ग्राम समाज की जमीन को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कई बार प्रार्थना पत्र दिया, फिर भी ग्राम समाज की जमीन को नापकर अलग नहीं किया गया और न ही अवैध कब्जा को ही हटवाया गया। यदि ग्राम समाज की जमीन का पैमाईश कराकर उसकी बाउन्ड्री नही करायी गयी, तो उपरोक्त महमूद आलम गाटा सं0- 28 क व 28 ग के आड़ में गाटा 28 ख बंजर के खाते की भूमि पर भी कब्जा करा लेगा तथा बिक्री भी कर लेगा। जिसके क्रम में ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर गाटा सं0-28 ख रक्बा 0.192हे0 का पैमाईश कराते हुए नक्शा में भौतिक विभाजन कराकर जमीन का बाउन्ड्री ग्राम पंचायत के पक्ष में कराया जायें। शिकायती पत्र पर ग्राम प्रधान के अलावा राकेश मिश्रा, रविन्द्र मिश्रा, श्रीराम, सुरेन्द्र, राजेश, राम लौटन, विशाल पाण्डेय, जावेद, राम सुभग पासवान सहित कई ग्रामीण के हस्ताक्षर है।




