जमीनी विवाद में दो पक्षों में हुई मार-पीट, इलाज के दौरान एक की मौत

चिल्हियां/सिद्धार्थनगर। जमीन पर निर्माण कार्य कराने गये भाई को मार-पीट रहे लोगों से बचाना दूसरे भाई को मंहगा पड़ गया। बचाने गये घायल भाई की 22 जुलाई की रात लखनऊ इलाज के दौरान में मौत हो गई। वहीं अपने जमीन पर निर्माण करा रहे घायल पीड़ित का इलाज चल रहा है। सूचना पर घटना का अभियोग थाना चिल्हियां में दर्ज किया गया है। थाने की पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराकर विधिक कार्रवाई कर रही है। थाना चिल्हियां के साहा पकड़ी निवासी नागेन्द्र नाथ उपाध्याय पुत्र सूर्यमणि उपाध्याय गांव के अपने जमीन गाटा सं0-185 में निर्माण कार्य करने के लिए गये थे। तभी विपक्षीगण भगवती पाण्डेय, उनकी पत्नी प्रमिला पाण्डेय, लड़की खुशी व शालू ने नागेन्द्र नाथ पर ईट पत्थर व धारदार हथियार से हमला कर दिया। जिससे नागेन्द्र नाथ के सिर व शरीर पर गम्भीर चोटें आई। नागेन्द्र नाथ ने दिये गये तहरीर में कहा है कि उनको बचाने उनके भाई हरिशंकर उपाध्याय निवासी साहा पकड़ी आये तो, उनको भी विपक्षीगणों न मारा पीटा। जिससे उन्हें भी गम्भीर चोटे आई। नागेन्द्र नाथ ने थाना चिल्हियां जाकर प्रार्थना पत्र दिया। जहां मुकदमा दर्ज करके दोनों घायलों को माधव प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय सिद्धार्थनगर में एडमिट कराया गया। वहीं हरिशंकर उपाध्याय को चिकित्सालय में इलाज होने के बाद गम्भीर स्थिति होने के कारण लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहीं पीड़ित के पारिवारिक जनों ने बताया कि लखनऊ इलाज के लिए ले जाया गया, जहां हरिशंकर उपाध्याय की मौत हो गई। वहीं थाने की पुलिस ने दूसरे पक्ष का भी मारपीट गाली गुप्ता देने का उपयोग पंजीकृत किया है। वहीं हरिशंकर उपाध्याय के मौत की खबर सुन पारिवारिक जनों में मातम छा गया। पारिवारिक जनों का कहना है कि झगड़ा छुड़ाने गये व्यक्ति की हत्या कर देना बहुत ही निन्दनीय है। पारिवारी जनो ने दोषी पर कार्रवाई की मांग की है। करीब तीन दिन इलाज चलने के बाद हरिशंकर उपाध्याय की हालत बिगड़ती चली गई। हरिशंकर को लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद हरिशंकर की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया। हरिशंकर की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं उनकी बड़ी बहू के आंख के आशु सूख गये हैं। उनकी मौत से उनके घर की पूर्ण जिम्मेदारी उनके बड़े बेटे आशीष उपाध्याय पर आ गई है। घर में उनके छोटे-छोटे नाती परिवार से यही पूछ रहे हैं कि बाबा कब आयेंगे। जिसका उत्तर परिवार के किसी सदस्य के पास नहीं है। वही छोटा बेटा पिंकू का अभी विवाह नहीं हुआ है।




