भ्रष्ट्राचार की कहानी बयां कर रहा डुमरियागंज ब्लॉक

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड डुमरियागंज के ग्राम पंचायतों में फर्जी हाजिरी का खेल चल रहा है, जिसको लेकर डुमरियागंज ब्लाक भ्रष्ट्राचार की कहानी बयां कर रहा है। डीसी मनरेगा सिद्धार्थनगर व खण्ड विकास अधिकारी डुमरियागंज को सूचना देने के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रहा है। डुमरियागंज ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में फर्जी हाजिरी का बोलबाला है। ग्राम पंचायत भालूकोनी जप्ती के कार्य कोडरू 3151010124/स्क्/958486255824938066 डेत छव.रू5438, श्रमिकों की संख्या-101, कार्य नामरू भोला के खेत से उत्तर शिवपूजन के खेत तक कृषि बंधी मिट्टी कार्य। ग्राम पंचायत भलवाही के कार्य कोडरू 3151010040/ स्क्/958486255824939995 डेत छव.रू5430, श्रमिकों की संख्या-82, कार्य नामरू राजन सिंह के घर से परती तक कृषि बंधी मिट्टी कार्य। ग्राम पंचायत जलालपुर के कार्य कोडरू 3151010/स्क्/ प958486255824915291 डेत छव.रू5761, श्रमिकों की संख्या-79, कार्य नामरू पीडब्ल्यूडी रोड से पूरब संजय वर्मा के खेत तक कृषि बंधी मिट्टी कार्य। सभी परियोजनाओं में लगभग एक ही फोटो अपलोड कर आनलाइन खुले आम भ्रष्टाचार किया जा रहा है और जिम्मेदार कुम्भकर्णी नींद में हैं। योजनाएं को धरातल पर लाने के लिए सरकार लाख कोशिश करें, मगर ब्लाक के जिम्मेदार चोरी का नया निजात कर अपने हिस्सा निकाल लेते हैं। पंचायत स्तर पर रोजगार सेवक वर्तमान में मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार के बड़े जिम्मेदार है इनका परसेंटेज तय है। दूसरी कड़ी में ब्लॉक के बीडीओ, सचिव और टीए की भूमिका अहम है। केवल कागजी कार्यवाही कर एमबी बना कर हस्ताक्षर करने का हिस्सा मिल जाता है। सूत्रों की मानें तो गलती से भी बीडीओ साहब गाड़ी लेकर गांवों में चले जाते तो गांवों में भ्रष्टाचार रोजगार सेवक सचिव और टीए नहीं करते। जानकारों की मानें तो ब्लाक से लेकर जिले तक के जिम्मेदार अपने कुर्सी छोड़ जमीनी हकीकत जानने और न देखने का प्रयास करते है क्योंकि हिस्सा फिक्स है।




