बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशननें दिया ज्ञापन, विद्यालय विलय रोकने की मांग

सिद्धार्थनगर। एस०सी०-एस0टी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन जनपद-इकाई सिद्धार्थनगर ने जिला अधिकारी कार्यालय में प्रसाशनिक अधिकारी के माध्यम से उ.प्र.के परिषदीय प्राथमिक एवम उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चल रही मर्जर/युग्मन प्रक्रिया के खिलाफ सौपा ज्ञापन आज दिनांक 07जुलाई202 ई. दिन सोमवार को एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन जनपद इकाई सिद्धार्थनगर ने एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डा.आनन्द कुमार सुमन के नेतृत्व में जिला अधिकारी कार्यालय में जिला प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा ज्ञापन उ.प्र.बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 50से कम संख्या होने पर उन विद्यालयों को मर्ज/बंद करके उन विद्यालय के बच्चों को 2 से 3किलो मीटर दूर दूसरे विद्यालय में मर्ज करके पढ़ने के लिए भेजा जा रहा है जो आर. टी. ई. एक्ट 2009 खुला उल्लंघन है।अतः सरकार द्वारा मर्जर/युग्मन प्रक्रिया अनुचित ही नहीं बल्कि संविधान सम्मत भी नहीं हैं। अतरूइस संविधान विरुद्ध प्रक्रिया को सरकार को जल्द से जल्द वापस ले लेना चाहिए। जिला अधिकारी कार्यालय परिसर में दोपहर 3रू 30 पी.एम. बजे एक बैठक का आयोजन किया गया बैठक के पश्चात माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली एवं माननीय मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासनिक अधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम सौंपा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के वंचित वर्ग बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का कार्य वर्तमान सरकार द्वारा किया जा रहा है। बच्चों के शिक्षा के अधिकारों का हनन करते हुए मानसिक उत्पीडन किया जा रहा है, जो पूर्णतया अनुचित,असंवैधानिक व गैर कानूनी है।ज्ञापन देते समय जिला अध्यक्ष आनन्द कुमार सुमन ,महामंत्री-जितेंद्र कुमार,कोषाध्यक्ष अमरेश कुमार, संजय आनंद, नागेंद्र कुमार, सुबास चंद्र पासवान, बालजीत कुमार,धीरेंद्र कुमार, दिवाकर, विनोद कुमार,अरुण कुमार, राम औतार, सुनील कुमार गौतम, संजय कुमार राव, मनोज प्रभाकर, विनीत कुमार राना, रमेश कुमार, अनिल कुमार, श्याम नारायण,संघशील झलक, सुरेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार गौड़, पवन कुमार, गुलाबचंद, त्रिपुरेश, अमरेश पाल, अजय कुमार भारती, हरि शंकर विकल, राजेश कुमार पासवान, राकेश कुमार आदि उसका बाजार, बर्डपुर,लोटन, शोहरतगढ़, जोगिया,बांसीआदि ब्लाकों के शिक्षक उपस्थित रहे।




