बस्ती डाक बंगले के मामले को लेकर विधायक अनिल त्रिपाठी ने दी जानकारी

संत कबीरनगर । जिले के जिस ठेकेदार रमेश चंद पांडे के खिलाफ बस्ती में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है वह फर्जी और मनगढ़ंत है। मुकदमा दर्ज कराने वाले सूरज सिंह पुत्र राघवेन्द्र प्रताप सिंह निवासी शिवजीपुरम कटरा रोड थाना कोतवाली जनपद-प्रतापगढ़ पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि सूरज सोमवंशी किस प्रकार के ठेका पट्टा एवं व्यवसाय के लिए बस्ती मण्डल में यानी कि जनपद बस्ती, सिद्धार्थनगर एवं सन्तकबीरनगर में आते-जाते है इनके कौन-कौन से प्रतिष्ठान एवं फर्मे है जबकि विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है विभिन्न सरकारी विभागों पी०डब्लूडी०, नगर विकास एवं सिंचाई विभाग आदि के ठेकेदारों को ठेका दिलाने की सौदेबाजी करने के लिए जाने जाते है। यह विषय जांच किये जाने योग्य है। विधायक ने लिखा है कि जिस रमेश चन्द्र पाण्डेय पर सूरज सिंह ने रंगदारी का आरोप लगाया है तथा अपराधी बताया है वह रमेश चन्द्र पिछले 20 वर्षों से विभिन्न विभागों में ठेकेदारी का कार्य करते है तथा आज तक उनपर कोई मुकदमा ही नहीं दर्ज हुआ है। सूरज सिंह सोमवंशी को तथाकथित ठेकेदार बताते हुए विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि वो किस व्यस्था के तहत बस्ती डॉक बंगले में ठहरा हुआ था? इसके पहले भी सूरज सिंह सोमवंशी ने दुधारा में देव प्रकाश सिंह उर्फ सिंटू सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। विधायक ने ये भी कहा कि उक्त सूरज सिंह सोमवंशी पिछले दिनों दिशा की बैठक में एम एल सी के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल हुआ था, उक्त डॉक बंगले जब एम एल सी के नाम पर आरक्षित था तब वो वहां कैसे रह रहा था।ऐसा प्रतीत होता है कि सूरज सिंह सोमवंशी प्रतिनिधि एम०एल०सी० के राजनैतिक दबाव में यह फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर ठेकेदारों एवं व्यवसायियों को डराने के लिए इस तरह के केस दर्ज करा रहा है। विधायक ने मोबाइल पर बातचीत करते हुए बताया कि उक्त सूरज सिंह सोमवंशी द्वारा रमेश चंद को डराया गया, धमकाया गया, रंगदारी आदि मांगी गई जिसके संबंध में रमेश चंद पांडे की शिकायत पर पुलिस ने केस नहीं दर्ज किया। लेकिन राजनैतिक दबाव में सूरज सिंह सोमवंशी की तहरीर पर बेकसूर रमेश चंद पांडे के खिलाफ गंभीर धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया जो जांच का विषय है। विधायक ने प्रशासन से पुरजोर आग्रह किया है कि किसी निष्पक्ष एजेंसी से पूरे प्रकरण की जांच कराकर पीड़ित व्यक्ति रमेश पाण्डेय को न्याय दिलाने का कष्ट किया जाय।
ठेकेदार रमेश चंद पांडेय का क्या है आरोप…….?
वहीं इस मामले में ठेकेदार रमेश चंद पांडे की तहरीर पर यदि गौर किया जाय तो उन्होंने पुलिस को दिए अपने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि उक्त सूरज सिंह सोमवंशी से वंदन योजना के तहत कार्य प्राप्त करने के लिए सूरज सिंह सोमवंशी से बातचीत हुई थी, सूरज सिंह सोमवंशी ने मुझे आश्वस्त कर अपने चहेती फर्म से भी टेंडर डलवा दिया। इन्हीं सबको लेकर सूरज सिंह ने मुझे 05 लाख रुपए लेकर 13 जून की रात्रि लगभग 09 से 10 के बीच आशुतोष त्रिपाठी के साथ बस्ती डॉक बंगले पर बुलाया, बातों बातों में सूरज सिंह सोमवंशी तैश में आकर अपने चार पांच लोगों को ललकारा कि कमरे में बंद कर दो इसे, पुलिस बुलाकर अभी इसे ठीक कर देता हूं। इसके बाद उक्त सूरज सिंह सोमवंशी द्वारा अपने 04- 05 सहयोगियों द्वारा मुझे और आशुतोष त्रिपाठी लात मुक्कों से मारा गया, कनपटी पर असलहा सटा कर गले में पहनी मोटी सोने की चौन वजन लगभग 40 ग्राम छीन लिया गया, साथ ले गए पांच लाख रुपए भी उक्त सूरज सिंह ने जबरन छीन लिया। 14 जून को इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन पुलिस उक्त लोगों के खिलाफ केस न दर्ज कर मुझपर ही मुकदमा लिख दिया। उक्त सूरज सिंह सोमवंशी एम एल सी का प्रतिनिधि होने के नाते मुझे ये धमकी भी दिया था कि ऐसी जिंदगी कर दूंगा कि जीवन भर जेल में सड़ते रह जाओगे।




