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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

कब होगी प्रभारी निरीक्षक उतरौला पर कार्रवाई, लोगों की एसपी पर टिकी निगाहें

दैनिक बुद्ध का संदेश
उतरौला, बलरामपुर।उतरौला कोतवाल के विरुद्ध जन आक्रोश ऐसे ही नहीं पनप रहा है। लगातार जन विरोधी कार्याे के चलते पुलिस की नकारात्मक छवि बनती रही है। अहिरौला गांव में घटना के बाद जन विरोध सड़कों पर दिखा। कोतवाली मे एक प्रापर्टी डीलर का बढ़ता दबदबा और एक पक्षीय निर्णय भी पुलिस की नकारात्मक छवि बनाने में जिम्मेदार बना हुआ है। पिछले साल दीपावली के दिन गोंडा मोड़ तिराहे पर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद प्रापर्टी डीलर के एक दर्जन गुंडों ने जमकर उत्पात किया। घटना की रिपोर्ट लिखाने गये लोगों पर कोतवाली परिसर में लाठीचार्ज किया गया। उनकी बाइकों को उठाकर थाने में जमा करा दिया गया। बाद में डीआइजी के आदेश पर बाइकें छोड़ी गई। विधायक के आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज करने में टाल मटोल किया गया। होली के दौरान रजया हरनीडीह में एक नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में भी पुलिस की हीलाहवाली और हिंदू संगठनों के दबाव के बाद कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने दूसरे पक्ष से भी तहरीर मंगा कर पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। ईद की रात एक आनलाइन शापिंग के कार्यालय में तोड़फोड़ और लूट की घटना को पुलिस ने दर्ज करने के बजाय कर्मचारियों के साथ ही अभद्रता की और कैमरे की डीवीआर लेकर उसे भी मानने से इंकार कर दिया। दबंगों के भय से कर्मचारियों ने अपनी नौकरी छोड़ दी। मटियरिया कर्मा गांव में मई महीने में एक दलित बेटी की शादी में अड़चन पैदा करने की स्थिति में यूपी 112 की मौजूदगी में विवाह संपन्न कराया गया। तहरीर देने आए लड़की के पिता का शांति भंग में चालान कर दिया गया। यही नहीं जमानत लेने आए जमानतदार को एक आरक्षी ने तहसील परिसर में ही पीटा। शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। 27 मई को उतरौला के राजाजोत में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस ने एक आरोपी राजेश का शांतिभंग में चालान किया। उसका मेडिकल हो जाने के बाद थाने बुलाकर प्रभारी निरीक्षक ने बुरी तरह लाठियों से पीटा। इससे उसके नाक और मुंह से रक्तस्राव तक होने लगा था। कोतवाली में मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने इस पर विरोध भी जताया था। प्रभारी निरीक्षक के आतंक और एकपक्षीय कार्रवाई की इतनी लंबी सूची देखने सुनने के बाद जो जन आक्रोश पनप रहा था वही शनिवार को डीएम व एसपी के सामने मुखर हो गया। अब लोग ऐसे अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

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