नॉमेंस लैंड पर प्लाटिंग को लेकर बढ़नी में सक्रिय हुए भूमाफिया
आबादी की कीमती जमीनों पर है भू-माफियाओं की नज़र- सुनील अग्रहरी (बढ़नी चेयरमैन)

बढ़नी, सिद्धार्थनगर। इन दिनों जनपद में अवैध प्लाटिंग का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे वह शोहरतगढ़ इंडोनेपाल बॉर्डर क्षेत्र खुनुवा हो या फिर बढ़नी। हर जगह कीमती जमीनों पर कतिथ भू-माफियाओं की नजर बनी हुई है और उस क़ृषि भूमि को मानक के विपरीत टुकड़ो टुकड़ो में प्लाटिंग कर उसे बेंचकर मोटा मुनाफा कमाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी प्रकार के ही एक भूमि की शिकायत बढ़नी चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान समाधान दिवस प्रभारी अधिकारी रहे उपजिलाधिकारी राहुल सिंह को सौंप कर कार्रवाई की मांग की है। मामले से अवगत कराते हुए बढ़नी चेयरमैन सुनील अग्रहरि ने बताया कि नगर पंचायत बढ़नी बाजार अन्तर्गत ग्राम – मुड़िला शहरी के गाटा सं0-3 आबादी श्रेणी -6(2) रकबा 1.126 हेक्टेयर रूप में अंकित है। नगर पंचायत की उक्त आबादी की 9 बीघा भूमि जो इण्डो-नेपाल नो-मैन्स लैण्ड से सटी भूमि है। उक्त जमीन में नगर के कुछ भू-माफिया गलत तरीके से कब्जा कर प्लाटिंग करके विक्रय करने का कार्य कर रहे हैं। यह जमीन नो-मैन्स लैण्ड से सटे है व नगर की बेशकीमती भूमि है। नो-मैन्स लैण्ड खुला बार्डर है तथा बगल में मदरसा स्थित है और वह पूर्णतया मुस्लिम आबादी है। भू-माफियाओं द्वारा आबादी की जमीन में प्लाटिंग करने व विक्रय करने से नो-मैन्स लैण्ड से सटे होने के कारण किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधियाँ हो सकती हैं। साथ ही यह भी बताया कि तत्काल आबादी की जमीन में हो रही प्लाटिंग को रोकवायें व उक्त की आबादी की जमीन नगर पंचायत को सीमांकन कर सुपुर्द कराने की कृपा करें, जिससे भविष्य में सरकारी कार्याे में प्रयोग किया जा सके। तत्काल अबादी की जमीन में हो रही प्लाटिंग रुकवाकर जमीन सुरक्षित करवाने की बात कहीं है। अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन इंडो-नेपाल बॉर्डर क्षेत्र पर तेजी से हो रहे प्लाटिंग कार्य पर कब तक अंकुश लगाएंगे और जिन लोगों ने किन्हीं तरीके से उस जमीन पर अपना मालिकाना हक जाता दिया है उसका सत्यापन कैसे करेंगे? कि वह भारत का मूल निवासी है अथवा नेपाल का, सबसे बड़ा सवाल है?




