जब सैंया भए कोतवाल, तब डर काहे का

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड बढ़नी क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा से सम्बन्धित जिम्मेदारों की मिलीभगत से मनरेगा कार्यों में फर्जी मास्टर रोल भरकर सरकारी धन का बंदरबांट करने का खेल चल रहा है। जिसमें ग्राम पंचायत मड़नी, मोहनकोला, औरहवा, पिकौरा, सिसवा शिवभारी, चम्पापुर, रोईनिहवा, ईमिलिया जनूबी, पड़रिया, परसोहिया आदि कई ग्राम पंचायत शामिल हैं। जो धरातल पर विकास कार्यों में कितना अहम रोल निभा रहे हैं। जल्द ही खबरों के माध्यम से खुलकर सामने आने वाला है। वहीं सम्बन्धित कुछ रोजगार सेवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसके जिम्मेदार सिर्फ हम लोग नहीं है, इसमें खण्ड विकास अधिकारी से लेकर ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, एपीओ, तकनीकी सहायक आदि कई लोग शामिल होते हैं। उन्ही लोगों की मेहरबानी से हम लोग बरसात हो या छुट्टी का दिन, फिर भी हम लोग दबा कर हाजिरी लगाते हैं। जिस पर एक कहावत याद आ रहा है कि ष्जब सैंया भए कोतवाल, तब डर काहे का।




