
दैनिक बुद्ध का सन्देश
बहराइच | बहराइच जिले के महसी तहसील क्षेत्र में विगत पिछले वर्ष भेड़ियों ने अपनी जमकर दहशत फैलाई थी और विभिन्न गांव में बच्चे एवं बूढ़ों को अपना निवाला बनाया था जिसमें कई बच्चों ने असमय अपनी जान गँवाई |भेड़ियों के आतंक से भयभीत थे और शाम होते ही अपने-अपने घरों की रखवाली करने के लिए ग्रामीणजन समूह में निकल पड़ते थे ताकि समय रहते परिवार जनों की रक्षा कर सके | इसी बीच भेड़िया घात लगाकर हमला कर देता था और छोटे बच्चों को घसीट कर खेत की तरफ ले जाता था और मार कर गायब हो जाता था | जब बच्चों के गायब होने की जानकारी पारिवारिक जनों को होती थी तो पारिवारिक जन भेड़ियों की खोज में निकल पड़ते थे लेकिन चालाक भेड़िया लोगों की नजरों से ओझल होकर भाग जाता था | भेड़िया और ग्रामीण जनों का खेल चलता रहा आखिर ग्रामीणों की सहायता से पिछले वर्ष चार खूंखार भेड़िये पकड़े गए जिसका श्रेय वन विभाग को मिला लेकिन असली श्रेय ग्रामीणों को मिलना चाहिए जिनके अथक प्रयास से खूंखार भेडियों को पकड़ने में सफलता मिली | इसी बीच मई और जून महीने में भेड़ियों का हमला एक बार फिर बढ़ गया और छोटे बच्चों को शिकार कर अपना निवाला बनाना शुरू कर दिया जिसमें चार दिन पहले छोटे बच्चे को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा | जब इसके बारे में ग्रामीणों ने महसी विधायक सुरेश्वर सिंह से भेड़िए के आतंक फैलने की बात कही तो विधायक सुरेश्वर सिंह ने वन विभाग बहराइच डीएफओ अजीत प्रताप सिंह से बात किया और उन्हें बताया कि भेड़ियों का आतंक फिर से क्षेत्र में फैलना शुरू हो गया है लेकिन डीएफओ बहराइच ने सुरेश्वर सिंह की बात को दर किनार कर दिया और प्राप्त जानकारी अनुसार किसी और जानवर के होने की बात कही गई जिस पर विधायक सुरेश्वर सिंह का पारा चढ़ गया और उन्होंने डीएफओ अजीत प्रताप सिंह को हटाने की बात कही तथा वन मंत्री से भी डीएफओ अजीत प्रताप सिंह के बारे में लापरवाही बरतने की बात भी बताई | विगत 8 दिनों से आतंक मचा रहा खूंखार मादा भेड़िया पिंजरे में कैद हुआ जो महसी क्षेत्र के बभौरी अंतर्गत पचासा गांव में पकड़ी गयी, घाघरा के कछार करीब में मादा भेड़िया का प्रवास स्थल था जहां पर इसकी मांद होने की बात बताई जा रही है | खूंखार मादा भेड़िया के पकड़े जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है मगर अब भी डर लोगों के जहन में फैला हुआ है कि पता नहीं कहां से फिर कोई भेड़िया हमला ना कर दे |




