दो खूंखार गैंगों का हुआ पर्दाफाश, सरगना सहित कई अपराधी हुए गिरोहबंद

बरेली। बरेली जिले की पुलिस ने दो संगठित आपराधिक गिरोहों का भंडाफोड़ कर अपराध की दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। सतीश और विनय के नेतृत्व में सक्रिय इन गैंगों ने हत्या, लूट और जबरन वसूली जैसे जघन्य अपराधों से जनता में दहशत फैला रखी थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मुठभेड़ में दोनों गैंग के सरगना सहित कई सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जिनके कब्जे से हथियार और लूट का माल बरामद किया गया है। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए बरेली की पुलिस ने इनके खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। आपको बता दें कि सतीश पुत्र अयोध्या प्रसाद के नेतृत्व वाला गैंग बरेली के शीशगढ़, शेरगढ़ और बहेड़ी क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बन चुका था। इस गैंग ने 21 जुलाई 2024 को सज्जाद अहमद की लकड़ी की फट्टी से हत्या की, 18 नवंबर 2024 को अरविंद को धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल किया और 19-20 दिसंबर 2024 को सूरजपाल की निर्मम हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम दिया था। गैंग के सदस्यों ने लूटपाट और हत्या के इरादे से कई वारदातों को अंजाम दिया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। बरेली की पुलिस ने 24 दिसंबर 2024 को पनवड़िया-बरगंवा सड़क पर इस गैंग के सदस्यों को घेरा, जहां अभियुक्तों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में रितिक और जितेंद्र उर्फ लुक्का डान घायल हो गए और सभी सात सदस्य गिरफ्तार किए गए। सरगना सतीश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला, लेकिन 28 दिसंबर 2024 को बहेड़ी-शेरगढ़ क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में वह भी घायल होकर गिरफ्तार हो गया। उसके कब्जे से गंडासा, तमंचा और लूट का माल बरामद किया गया। वहीं बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में विनय पुत्र द्वारिका के नेतृत्व वाला गैंग भी कम खतरनाक नहीं था। इस गैंग ने 15 जुलाई 2023 को नगर निगम मार्केट रोड पर अजय बाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। विनय, नितिन, राहुल, जगमोहन उर्फ तन्नू और भगवान स्वरूप उर्फ लाले ने मिलकर हत्या, लूट और जबरन वसूली जैसे अपराधों को अंजाम देकर जनता में भय का माहौल बनाया। इस गैंग के खिलाफ थाना बारादरी में मुकदमा संख्या 547/23 धारा 302, 120बी, 307 भादवि, 3(2)वी एससी/एसटी एक्ट और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। गैंग के सदस्यों के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं, जिनमें जुआ, मारपीट और अवैध शराब का कारोबार शामिल है। कुछ दिन पहले पुलिस ने सट्टा करा रहे जगमोहन उर्फ या तन्नू को पकड़ने के लिए छापा मारा था। लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। लेकिन वह बहुत ही शातिर अपराधी है अभी पुलिस के हाथ नहीं चढ़ा है। दोनों ही गैंगों की समाज विरोधी गतिविधियों और जनता में फैले भय को देखते हुए बरेली की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की है। सतीश गैंग के खिलाफ 27 मई 2025 को जिला मजिस्ट्रेट, बरेली से गैंग चार्ट की अनुमति प्राप्त की गई और धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विनय गैंग के खिलाफ भी थाना बारादरी में मुकदमा संख्या 544/25 धारा 2(ख) और 3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। दोनों गैंगों के सभी प्रमुख सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं।




