अम्न और शांति की दुआएँ मांगी गयीं

सिद्धार्थनगर। देश की प्रसिद्ध खानकाह और शैक्षणिक संस्था दारूल उलूम फैजुर्रसूल बरांव शरीफ़ में आयोजित जलसे के समापन के मौके पर देश में अम्न वो सलामती तथा कौमी एकता के लिए दुआएँ मांगी गयीं। दो दिवसीय उर्से बाबू मियां व इफ्तेताहे बुखारी शरीफ़ का प्रोग्राम प्रसिद्ध रूहानी पेशवा इस्लामी स्कॉलर पीर गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी, सज्जादा नशीन खानकाह फैजुर्रसूल वा नाजिमे आला दारूल उलूम की सरपरस्ती और पीर मुफ्ती मुहम्मद आसिफ़ अल्वी अजहरी नायब सज्जादा नशीन वा मोहतमिम की सदारत और मौलाना अली हसन अल्वी अजहरी प्रिंसिपल की निगरानी में हुआ। इस अवसर पर दारूल उलूम के दौरे हदीस के तलबा को हदीस पढ़ाते हुए अल्लामा अब्दुल कादिर अल्वी ने बेहतरीन नसीहतों से नवाजा और हजरत अहमद रजा बाबू मियां के जीवन के बारे में प्रकाश डाला। अल्लामा इस्माइल हाशमी शेखुल हदीस ने बच्चों को पूरी मेहनत और लगन से पढ़ाई करने के लिए हौसला अफ़ज़ाई की। दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ मस्जिदे शोएबुल औलिया में कुरान ख्वानी से हुआ। सभी तलबा और बाहर से आये हुए मेहमानों को लंगर पेश किया गया। प्रोग्राम की कामयाबी के लिए पीर मुहम्मद शोएब अल्वी अजहरी ने जामे अजहर मिस्र से अपनी बातें पेश कीं। प्रोग्राम में सभी असातज़ा और तलबा के साथ बाहर से आए हुए मेहमान मौजूद रहे। प्रोग्राम का समापन सलातो सलाम और मुल्क में अमन वो शांति की दुआओं पर हुआ।




