**नगर पालिका का ‘विकास’ सवालों के घेरे में: हमजापुरा में ढाई साल से अधर में लटकी 250 मीटर सड़क**

दैनिक बुद्ध का सन्देश
**बहराइच।**
एक तरफ नगर पालिका प्रशासन शहर के चहुंमुखी विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर हकीकत इन दावों के विपरीत दिखाई दे रही है। शहर के हमजापुरा मुहल्ला इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ महज 250 मीटर सड़क का निर्माण पिछले ढाई वर्षों से नहीं हो सका है।
**विकास की गति पर खड़े हो रहे सवाल**
हमजापुरा के स्थानीय निवासी पिछले 30 महीनों से धूल-मिट्टी और जलभराव से जूझ रहे हैं। ढाई साल का लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी सड़क न बन पाना नगर पालिका की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। मुहल्लावासियों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय उन्हें अब तक कुछ हासिल नहीं हुआ है।
**जनता परेशान, प्रशासन बेखबर**
सड़क न बनने के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बरसात के दिनों में यह कच्चा मार्ग कीचड़ के दलदल में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, वृद्धों और मरीजों का निकलना दूभर हो जाता है।
स्थानीय निवासियों का तंज है, *”अगर इसी गति से नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्य चल रहे हैं, तो शहर का कायाकल्प होना तो दूर, लोगों का जीना मुहाल हो जाएगा।”*
**क्या इसी को कहते हैं ‘तेज विकास’?**
प्रशासन शहर के सौंदर्यीकरण और विकास की बड़ी-बड़ी योजनाओं की घोषणाएं तो करता है, लेकिन हमजापुरा जैसे मुहल्लों की बदहाली यह बताने के लिए पर्याप्त है कि विकास की गति कितनी ‘तेज’ है। ढाई साल में महज 250 मीटर सड़क न बन पाना शासन की उदासीनता और ठेकेदारों की मनमानी को दर्शाता है।
**अगले कदम की राह**
नगर पालिका प्रशासन की इस लापरवाही के बाद अब क्षेत्रवासी लामबंद होने की तैयारी कर रहे हैं। यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो स्थानीय निवासियों ने जन आंदोलन करने की चेतावनी दी है।




