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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

टूरिस्ट बस के संचालन के नाम पर सुरक्षा के साथ खिलवाड़

पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के कृष्णानगर में बनते है टिकट

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी कस्बे से टूरिज्म बसों से भारतीय महानगरों में नेपाली सवारी एजेन्टों के माध्यम से भेजे जा रहे है। इसके लिए कस्बे में बकायदा प्राइवेट बस अड्डे का संचालन किया जा रहा है। नेपाल के यात्रियों की भारतीय क्षेत्र में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती है। यहां से आने वाला व्यक्ति कौन है, उसकी पहचान क्या है, इसके सम्बन्ध में कोई भी एजेन्सी किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं एकत्र करती है। महानगरों के लिए जाने वाली टूरिस्ट परमिट पर चलने वाले वाहनों का टिकट नेपाल के कृष्णानगर में चल रहे निजी होटलों के पास टूरिस्ट टिकट ऑफिस में टिकट बनता है, जबकि यात्री बढ़नी बाजार में अवैध रूप से चल रहे प्राइवेट बस स्टैण्ड से वाहन पकड़ते हैं। यह पूरा खेल एक योजना बध तरीके से चल रहा है। नेपाल सीमा पर टूरिस्ट बस के संचालन के नाम पर सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। नेपाल के कृष्णानगर में 12 से 14 टिकट काउन्टर बने हैं। यात्री यहां पर टिकट बनवाने के बाद भारत सीमा पर बनी अवैध टेक्सी स्टैण्ड से दिल्ली, पंजाब, मुम्बई आदि महानगरों के लिए सफर कर रहे हैं। अवैध तरीके से संचालित होने वाले टूरिस्ट परमिट की गाड़ियों से प्रतिदिन लाखों रुपये की वसूली हो रही है। यहां से चलने वाले वाहनों में बस, छोटी टूरिस्ट बस व कार शामिल हैं। इन वाहनों के पास पर्यटक को ले जाने का परमिट बना है, मगर इनमें नेपाली नागरिकों को यात्री की भांति ले जाया जाता है। सूत्रों के अनुसार एक बस से 2000 से 3000 रुपये की वसूली की जा रही है। अगर किसी वाहन चालक ने रुपये नही दिये तो लड़ाई झगड़े की नौबत आ जाती है।
चुनिंदा वाहन ही यात्रियों को नेपाल से भारत पहुंचाते है
नेपाल कृष्णानगर में स्थित टिकट काउन्टर से यात्रियों को बस पकड़वाने के लिए चुनिंदा वाहन ही लेकर आता है। नेपाल से भारत सीमा तक लाने तक मे 200 से 300 रुपये ले लेते हैं। ये वाहन केवल नेपाल से यात्री लाकर बस तक छोड़ते है। इन वाहनों को बार्डर पर कोई सुरक्षा एजेन्सियां नही रोकती है। नेपाल से भारत सीमा में बने चेक पोस्ट पर इनकी सेटिंग रहती है और यह वाहन बेखौफ नेपाल से भारत और भारत से नेपाल आते-जाते है। अगर गलती से भी किसी बाहरी रिक्शा चालक ने इन सवारियों को बैठा लिया तो जबरन सवारी उतारने के बाद मार-पीट पर भी यह उतारू हो जाते हैं।

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