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उत्तर प्रदेशबलरामपुर

मुख्यालय की चिकित्सालयों की चिकित्सा व्यवस्था राम भरोसे

चिकित्सा के नाम पर लूटने पीटने पर मजबूर जनता

बलरामपुर। बलरामपुर जनपद मुख्यालय पर स्थित जिला मेमोरियल चिकित्सालय की स्थिति अत्यन्त खराब हो चुकी है चिकित्सक से लेकर पट्टी बाधने तक का पैसा खुले आम लिया जा रहा है भर्ती मरीजों से न केवल बाहर की दवाई मंगाई जाती है बल्कि जो भी जांचे होती है बाहर के पैथोलॉजी लैब के लिए लिखी जाती है यहां कुछ चीजों की पैथोलॉजी में परीक्षण होता है लेकिन जो महत्वपूर्ण जांच होती हैं वह सब बाहर से ही कराई जाती हैं मेमोरियल चिकित्सालय में गम्भीर रूप से भर्ती तथा मरे हुए मरीजों की निकट के एक पैथोलॉजी से 5 सौ रुपए नगद दिलवाकर ई० सी० जी ०कराई जाती है जो रोज माररा की बात है यहां मरने के बाद भी मरीज के तीमारदारों से पाच सौ का चूना लगवा दिया जाता है यह घटना एक दिन की नहीं बल्कि रोज की है बलरामपुर जिला मेमोरियल चिकित्सालय में ई ०सी ०जी० की मशीन क्यों नहीं मंगाई जाती है यह तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी ही बता पाएंगे जो मशीने है भी चाहे वह महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन हो या संयुक्त चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड सिटी स्कैन आदि की पर यह ज्यादातर खराब ही रहते हैं और सुदूर अंचलों से आने वाले महिलाओं तथा गर्भधात्री महिलाओं को दलालों के माध्यम से बढ़े हुए मनमाने दरों पर अल्ट्रासाउंड सीटी स्कैन खून की जांच मजबूरन बहर से करने पड़ते हैं इनकी जांच रिपोर्ट मनमाने तरीके से पैथोलॉजी सेंटर के अप्रशिक्षित लोग देते रहते हैं वहीं दूसरी तरफ संयुक्त चिकित्सालय में तैनात रेडियोलॉजिस्ट आए दिन किन्ही ना किन्हीं करणों चिकित्सालय में सेव नहीं दे पाते जिसके कारण जनपद मुख्यालय पर स्थित तीनों चिकित्सालयों के जांच आदि रेडियोलॉजिस्ट ना होने के कारण नहीं हो पाते रही बात चिकित्सालय में सर्जनों की तो मेमोरियल चिकित्सालय में ऑपरेशन के नाम पर प्राइवेट नर्सिंग होम की तरह 15 से 20 हजार खुले आम पैसे लेकर ऑपरेशन की जाती है और उसमें कोई एक चिकित्सक नहीं बल्कि सभी एक जैसे हैं यहां तक की ऑपरेशन किए हुए भर्ती मरीजों की ड्रेसिंग पट्टी के नाम पर खुले आम सौ रुपए लिए जाते है यह पैसे चिकित्साक के साथ कार्य कर रहे हैं लड़के खुलेआम ले लेते हैं ऐसे में किसकी शिकायत किससे करें जब पूरा तंत्र ही खोखला है तो ऐसे में मरीजों और उनके तीमारदार भगवान भरोसे ही रह जाते हैं वैसे भी मैरिज और उनके तीमारदार चिकित्सकों को मनमाने पैसे देने को मजबूर मन बना ही लेते हैं इसके सिवा उनके पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं रहता है ऐसे में वे लूटने पीटने को मजबूर होते हैं बताते चलें जिला मेमोरियल चिकित्सालय के साथ संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सकों पर जांच प्रक्रिया चल रही है इसके बावजूद सभी चीजे पूर्वत हो रही है इसमें जरा सा भी उनके कार्यों में कोई सुधार नहीं है ऐसे में जिले के चिकित्सा भगवान भरोसे ही है।

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