बाल श्रम के विरुद्ध अभियान चलाकर 10 बाल श्रमिकों को किया रेस्क्यू

सिद्धार्थनगर। जिला टास्क फोर्स टीम ने जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को बाल श्रम के विरुद्ध अभियान चलाकर 10 बाल श्रमिकों का रेस्क्यू कर 6 नियोजकों अल बैक रेस्टुरेंट, श्याम स्वीट्स एन्ड बेकर्स, ओम स्वीट्स एन्ड फास्टफूड, यश इंटरप्राइजेज डब्लू पी सी, निहाल कम्युनिकेशन, बाला जी स्वीट्स एन्ड बेकर्स को नोटिस जारी किया है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी ने बताया कि इस फाइनेंशियल वर्ष में अभियान चलाकर 155 बच्चो को रेस्क्यू कर 105 नियोजकों के विरुद्ध कार्यवाही की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बाल श्रम के विरुद्ध कार्यवाही करने में बस्ती मण्डल में सिद्धार्थनगर जनपद प्रथम स्थान पर है। उन्होंने बताया कि लगातार बाल श्रमिकों का रेस्क्यू कर नियोजकों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। अभियान में मुख्य रूप से श्रम प्रवर्तन अधिकारी उज्ज्वल त्रिपाठी, एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक राम कृपाल शुक्ला, उपनिरीक्षक लक्ष्मण प्रसाद, सुनील कुमार, आरक्षी आशुतोष सिंह, मानव सेवा संस्थान सेवा के प्रोग्राम मैनेजर जय प्रकाश गुप्ता शामिल रहे।
जनपद में बाल श्रम खत्म होने का नहीं ले रहा नाम
सिद्धार्थनगर। इन दिनों जहां विकास की हवा चारों तरफ बह रही है तो वहीं जनपद में बाल श्रम को लेकर केवल खाना पूर्ति करती नजर आ रही है श्रम प्रवर्तन टीम, आपको बता दे की जनपद के जिला मुख्यालय सहित हर चौराहों पर बाल श्रम करते हुए आपको बच्चे दिखाई दे जाएंगे लेकिन अधिकारियों के लापरवाही या बड़े होटलों से मिली भगत के कारण नाबालिक बच्चों की जिंदगी नरक होती जा रही है आपको बता दे की हुसैनगंज चौराहे से आगे जैसे ही आप बढ़ेंगे एक लड़का हाथ में चाकू लिए मुर्गा काटते नजर आएगा यह नाबालिक बच्चा मात्र 15 वर्ष का है जो उसका गोरखपुर मार्ग पर दुकान लगाकर कार्य करता नजर आ रहा है लेकिन इस पर नजर श्रम प्रवर्तन टीम के नहीं पड़ रही है ना ही जनपद के किसी उच्च अधिकारियों की आखिर इन बच्चों की क्या यही दुर्गति बनेगी इस बारे में कोई भी बोलने को तैयार नहीं है।


