घर आंगन जैसे लगें प्री प्रायमरी स्कूल: महेंद्र प्रसाद

सिद्धार्थनगर। तीन से छ वर्ष आयु के बच्चों को बाल वाटिका अर्थात प्री प्रायमरी स्कूल से जोड़कर ही बुनियादी शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। बीआरसी नौगढ़ में आयोजित जनपद स्तरीय हमारा आंगन हमारे बच्चे कार्यक्रम में यह विचार बीईओ इटवा महेंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। उन्होंने ने कहा कि छोटे बच्चों को विद्यालय के प्रति आकर्षित करने के लिए विद्यालय को बच्चों की रूचि के अनुरूप आकर्षक एवं बाल केंद्रित होना चाहिए। विद्यालय में बच्चों को अपने घर आंगन जैसा ही सहज वातावरण बनाना हर शिक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री का दायित्व है। एसआरजी अंशुमान सिंह के कुशल संचालन में संपन्न कार्यक्रम को बीईओ सदर धर्मेन्द्र कुमार पाल, ज़िला समन्वयक डीपी श्रीवास्तव, करूणापति त्रिपाठी,अमित शुक्ला, संदीप कुमार, कार्तिकेय पांडेय, अपूर्व कुमार श्रीवास्तव, डाक्टर विनयकांत मिश्रा, पशुपति दुबे एवं कल्पना आदि ने भी संबोधित किया। विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जनपद में बालवाटिका, प्री प्रायमरी स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान हेतु किरन उपाध्याय, नियाज अहमद, साधना श्रीवास्तव, इफ्तिखारुन्निसा, राम सुभग, जमील अहमद, सुमन त्रिपाठी, शमसुलहक, सत्येन्द्र गुप्ता, प्रार्थना मिश्रा, हर्षिता पटारिया तथा शबाना बेगम आदि शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मृति चिन्ह् एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।




