दैनिक बुद्ध का सन्देश
पयागपुर (बहराइच) : मानव जीवन के उत्थान के लिये आराधना,साधना,उपासना तथा समय व दान बहुत जरूरी है। उक्त बातें भूपगंज बाजार स्थित रामलीला मैदान पर चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिवस शांतिकुंज हरिद्वार से आये कथावाचक पण्डित अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी ने नरसी भक्ति की कथा सुनाते हुये कही।गायत्री नव चेतना विस्तार केंद्र पयागपुर के तत्वावधान में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिवस कथावाचक ने नरसी भक्ति की कथा के अंतर्गत सफल मानव जीवन के पांच सूत्र बताये।उन्होंने कहा कि उपासना,साधना,समय और दान ये पांच सूत्र मानव जीवन को सफल बनाते है।श्री त्रिपाठी ने कहा कि ईश्वर के करीब रहकर,अपने इंद्रियों पर काबू रखते हुये, कुछ समय समाज के लिये निकालते हुये जो मनुष्य धन का कुछ अंश श्रेष्ठ कार्यों में लगाकर मनुष्य अपना सहित समाज का उत्थान कर सकता है। इस अवसर पर संगत टोली के द्वारा प्रस्तुत संगीतमय भजन पर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये।इस दौरान गायत्री परिवार के परिब्राजक ज्ञान प्रकाश शुक्ल,यजमान वशिष्ठ त्रिपाठी,मैन बहादुर सिंह,मालिक राम शर्मा, ईश्वरदीन सिंह,बदलू राम विश्वकर्मा, महराज दीन, कृष्ण कुमार सिंह,अनुराग कश्यप सहित तमाम लोग मौजूद रहे।





