भगवान राम का जन्म मानवता कि शिक्षा देने के लिए हुआ था: आचार्य हरिवेन्द्र त्रिपाठी

बांसी। पथरा थाना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम सेहरी सेवक में चल रहे 9 दिवसीय विष्णु महायज्ञ के तीसरे दिन सोमवार को राम कथा सुनाते हुए आचार्य हरिवेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि श्रीरामचरितमानस मानव जीवन का संविधान है। राम कथा आदर्श जीवन जीने कला सिखाती है। भगवान राम का जन्म पृथ्वी पर मानवता की शिक्षा देनें के लिए ही हुआ है। आचार्य हरिवेंद्र त्रिपाठी ने कथा विस्तार करते हुए कहा कि राम जैसा पुत्र, राम जैसा भाई, राम जैसा मित्र और राम जैसा आदर्श राजा न अब तक पृथ्वी पर हुआ है न आगे होगा। राम के आदर्श पर चलकर मानव जीवन की कठिनाई से छुटकारा मिल सकती है।इस अवसर पर आयोजक इन्द्र प्रकाश त्रिपाठी, माधव प्रसाद त्रिपाठी, वीरेंद्र त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।यज्ञ में 7से 9बजे तक मानस गान, 9बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन तथा दिन में 2से 5बजे तक राम कथा और रात्रि में 8 से11बजे तक श्रीमद्भागवत कथा होती है।




