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उत्तर प्रदेश

अम्बेडकर¬नगरजिलाधिकारी नें आरोपी अधिकारी को ही बना दिया जाँच अधिकारी

अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर में इस दिनों नये-नये एवं अनोखे मामले नजर आ रहें है जहां आरोपी अधिकारी को ही जिलाधिकारी ने जांच अधिकारी बना दिया बड़े हैरत की बात है की अब आरोपित अधिकरी स्वयं ही अपना जांच कैसे करेगा यह प्रशासन की लापरवाही या आरोपी अधिकारी को बचाने का प्रयास है, चर्चा का विषय बना हुआ है, आपको बतादें की पूरा मामला ग्राम पंचायत पूरा बक्स राय टांडा अम्बेडकर नगर का का है जहां विगत चुनाव में ग्राम प्रधान पद के चुनाव का मुकदमा उप जिलाधिकारी टांडा के यहाँ चल रहा था। जिसमें उप जिलाधिकारी टांडा के द्वारा पहले तो पुनः मतगणना कराया गया जिसमें सारा मामला सामने आ गया की पूर्व में हुऐ मतगणना में धाधली की गई थी तथा हारे हुऐ प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया गया था अब जब मामले में धाधली सामनें आ चुकी है और सही का निर्णय लेना है वास्तविक विजेता को विजयी घोषित करना है तो उप जिलाधिकारी टांडा नें पलटी मारते हुऐ अपने द्वारा स्वयं कराये गये पुनःमतगणना एवं अपर जिला जज प्रथम अम्बेडकर नगर के आदेशों के विपरीत जाकर हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के एक आदेश का हवाला देते हुए जो कि इस केस पर लागू नहीं होता है अपना निर्णय देते हुए अपना निर्णय सुना दिया। उप जिलाधिकारी टांडा अम्बेडकर नगर के इसी निर्णय को चुनौती देते हुए पीड़ितनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र जांच के लिये लिखा गया था जिसपर प्रधानमंत्री के कार्यालय द्वारा मार्क करके मुख्यमंत्री को भेज दिया गया। जहां से उक्त शिकायती पत्र मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल पर शिकायत संख्या 60000250037837 दर्ज हो गई। मुख्यमंत्री के कार्यालय से उक्त शिकायत जिला अधिकारी अम्बेडकर नगर को स्थानांतरित कर दिया गया। और जांच कर सही को सामने लाने की बा त कही गई थी लेकीन जिलाधिकारी नें प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को गुमराह करते हुये आरोपित अधिकारी को ही नियुक्त कर दिया। आखिर क्या कारण था जिला अधिकारी ने उक्त शिकायत जिसके विरुद्ध शिकायत की गई उसी को जांच कर आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दिया है। कैसे होगी जाँच?? कहाँ जाय जनता?? सूत्रों की माने तो इसको लेकर उत्तर प्रदेश के विधानसभा में एवं लोक सभा में भी पीड़ित विधायक एवं सांसदों के माध्यम से ले जा रहा है यदि ऐसा होता है तो जिला प्रशासन पूरी तरह फस जायेगा।

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